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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कानपुर डीएम ने अचानक CHC का किया निरीक्षण, मिली कई खामियां; अधीक्षक समेत सात कर्मियों का वेतन रोका

Published: Thu, 01 May 2025 06:40 PM (IST)

कानपुर के जिलाधिकारी ने पतारा सीएचसी का औचक निरीक्षण किया जिसमें कई खामियां पाई गईं। एक्स-रे तकनीशियन समेत सात कर्मचारी ...और पढ़ें

जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, अधीक्षक समेत सात कर्मियों का वेतन रोका
जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, अधीक्षक समेत सात कर्मियों का वेतन रोका

संवाद सहयोगी, घाटमपुर। जिलाधिकारी ने गुरुवार को पतारा सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई खामियां मिली। सात कर्मचारी नदारद मिले, एक्स-रे टेक्निशियन हस्ताक्षर करके गायब मिले। सीएचसी अधीक्षक की ओपीडी भी लगभग नगण्य मिली। इस पर जिलाधिकारी नाराज हुए। उन्होंने सभी का वेतन रोकते हुए दंडात्मक व विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह दोपहर करीब 12 बजे पतारा सीएचसी पहुंचे। यहां उन्हें एक्स-रे कराने आई एक मरीज बैठी मिलीं। पता चला कि एक्स-रे टेक्नीशियन अमन वर्मा सुबह से गायब हैं, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर हैं।

निरीक्षण में सामने आई लापरवाही

अधीक्षक डा. अभिषेक कटियार को भी इसकी जानकारी नहीं थी। पता चला कि पूरे अप्रैल माह में सिर्फ 60 एक्स-रे हुए हैं, यानि प्रतिदिन के सिर्फ दो। टेक्नीशियन की लापरवाही के चलते मरीजों को अन्य जगह से एक्स-रे कराना पड़ता है। निरीक्षण के दौरान अधीक्षक की लापरवाही भी सामने आई।

पता चला कि उन्होंने एक महीने में सिर्फ चार मरीजों को अपने हाथ से देखा है। 12 अप्रैल से लेकर 19 अप्रैल के बीच उनके ओपीडी रजिस्टर में कोई भी एंट्री नहीं है। जिलाधिकारी ने जब इस लापरवाही के बारे में पूछा तो वे टाल मटोल करने लगे और संचारी रोग अभियान व अन्य व्यवस्थाओं का हवाला देकर बहाने बनाने लगे। निरीक्षण के दौरान सीएचसी के सात कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जबकि उनकी छुट्टी नहीं चढ़ी थी।

डीएम ने पूछे प्रश्न

जिलाधिकारी ने मौजूद कर्मियों से कई प्रश्न भी पूछे जैसे कि गुरुवार को मरीजों के लिए कितनी बार एंबुलेंस गई? औषधि वितरण केंद्र कितने बजे से कितने बजे तक खुलता है। दवाओं का वितरण कौन करता है? इस सवालों का उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। जिलाधिकारी ने चिकित्सा अधीक्षक समेत अन्य लापरवाह कर्मचारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए वेतन रोकते हुए दंडात्मक व विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि डा. अभिषेक कटियार सीएचसी चलाने में सक्षम नहीं है। जिलाधिकारी ने कहा कि उन्हें हटाने के लिए नियम के मुताबिक कार्यवाही की जाएगी।