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    UP News: अब तहसीलों पर रहेंगी 'डीएम की आंखें', ADM स्तर के अधिकारियों को किया गया तैनात

    Updated: Tue, 10 Dec 2024 11:52 AM (IST)

    कानपुर के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की है। अब एडीएम स्तर के अधिकारी अलग-अलग तहसीलों में बैठकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे। इस पहल का उद्देश्य पीड़ितों की परेशानी कम करना और प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाना है। इस सप्ताह से ही इस व्यवस्था की शुरूआत हो की जा रही है।

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    अब तहसीलों पर रहेंगी 'डीएम की आंखें', ADM स्तर के अधिकारियों को किया गया तैनात

    जागरण संवाददाता, कानपुर। दूर-दराज से कलेक्ट्रेट तक शिकायत लेकर आने वाले पीड़ितों का दर्द अब घटेगा। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह की आंखें बनकर एडीएम स्तर के अधिकारी अलग-अलग तहसीलों में बैठकर जनता की शिकायतें सुनेंगे। इस सप्ताह से शुरू हो रही नई व्यवस्था में 10, 11 व 12 दिसंबर की तारीखें तय की गई हैं। ये अधिकारी त्वरित निस्तारण, गुणवत्ता व संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर काम करेंगे।

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    जिलाधिकारी जनसुनवाई में गिर रही रैंकिंग को लेकर चिंतित हैं। इसके लिए प्रत्येक सप्ताह तहसीलों में एडीएम को शिकायतें सुनने का जिम्मा दिया गया है। ये अधिकारी जनता की शिकायतें बेहतर ढंग से निस्तारित करने के साथ ही ये भी पता लगाएंगे कि जनशिकायतों में गड़बड़ी किस स्तर पर हो रही है। इससे पहले केवल माह में दो बार ही संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी समेत दूसरे अफसर जनता की शिकायतें सुन रहे हैं।

    डीएम ने बताया कि एडीएम स्तर के अफसर जनता से बात कर जल्द निस्तारण कराएंगे। वे शिकायकर्ताओं को संतुष्ट करेंगे। इससे कई किलोमीटर तक दौड़ लगाकर उनके पास कलेक्ट्रेट आने वाले लोगों को तहसील में ही समाधान मिल जाएगा। इस दौरान वह तहसील के दूसरे कार्यों की भी समीक्षा करेंगे। प्रत्येक सप्ताह तारीख तय कर तहसील स्तर पर जनता को जानकारी दी जाएगी।

    इस सप्ताह कौन अफसर किस तहसील में

    -10 दिसंबर, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, तहसील नर्वल।

    -11 दिसंबर, अपर जिलाधिकारी-आपूर्ति, तहसील घाटमपुर।

    -11 दिसंबर, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, तहसील बिल्हौर

    -12 दिसंबर, अपर जिलाधिकारी नगर, तहसील सदर।

    शिकायत निस्तारण में बदलेगा अफसरों का रवैया

    वहीं जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में अब अफसरों का रवैया बदलेगा। इससे शासन को भेजी जाने वाली आख्या में अक्सर असंतुष्टि जताने वाले मामले कम होंगे। शिकायतकर्ताओं की बात समझ कर उन्हें संतुष्ट करने का प्रयास किया जाएगा।

    जिलाधिकारी की निगरानी में अफसर असंतुष्ट वाली शिकायतों पर विशेष फोकस करेंगे। इसके बाद ही उन्हें शासन को भेजा जाएगा। सबसे ज्यादा असंतोष वाले नगर निगम, केडीए, जलकल व स्वास्थ्य समेत लापरवाही बरतने वाले दूसरे विभागों पर निगाह रखी जाएगी। इससे अगले माह जिले की आइजीआरएस रैंकिंग सुधरने की आस जगी है।

    जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने सीएम पोर्टल, जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली सभी शिकायतों के निस्तारण का नया फार्मूला लागू किया है। इसके तहत अलग-अलग अपर जिलाधिकारी, अपर नगर मजिस्ट्रेट व ई-डिस्ट्रिक्ट, कंप्यूटर प्रोग्रामर को दायित्व दिए गए हैं। प्रयास होगा कि हर शिकायत की निगरानी हो। असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं की स्थिति आख्या भेजने से पहले समझ ली जाए।

    मौके पर निरीक्षण कराकर स्थिति देखी जाएगी, जिससे शिकायत निस्तारण में कागजी काम न किया जा सके। सबसे अधिक असंतुष्ट शिकायतकर्ता वाले नगर निगम, केडीए, जलकल, स्वास्थ्य विभाग में विशेष निगरानी होगी। कई बार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से संबंधित शिकायतें भी आइजीआरएस में आती हैं, जो पात्रता समेत दूसरी वजहों से असंतुष्ट की श्रेणी यानी डिफाल्टर में रहती हैं। इन्हें गंभीरता से अलग कर संबंधित से बात करके निस्तारण किया जाएगा।

    जिम्मेदारों से जवाब-तलब, शासन को पत्र

    जिलाधिकारी ने ऐसे विभागों को चिह्नित कराया है, जिनके यहां असंतुष्ट अधिक हैं। इसमें नगर निगम में पिछले माह 417 शिकायतें ऐसी रहीं, जिसमें असंतुष्टि जताई गई।

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