उन्नाव, जेएनएन। कानपुर-लखनऊ रेल रूट पर आधुनिक सिग्नल प्रणाली लागू करने के बाद रेलवे ने सेमी हाई स्पीड को लेकर पटरियों पर कार्य तेज किया है। मंगलवार को गंगापुल बायां किनारा स्टेशन से मगरवारा के बीच दोपहर बाद डेढ़ घंटे का ब्लाक लेकर बिछाई जा चुकी पटरियों पर गिट्टी पैकिंग कराई गई। अपराह्न 3.15 से शाम 4.45 बजे तक कानपुर से लखनऊ और उन्नाव के रास्ते रायबरेली व बालामऊ आने वाली ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। वहीं, सिग्नल न मिलने की वजह से कानपुर से लखनऊ आ रही नई दिल्ली- लखनऊ स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस को गंगापुल बायां किनारा स्टेशन पर करीब दो मिनट के लिए रोकना पड़ा।   

इनका ये है कहना 

कानपुर-लखनऊ रेल रूट के गंगापुल बायां किनारा स्टेशन से मगरवारा के मध्य सेमी हाई स्पीड परियोजना के तहत नई पटरियां व स्लीपर बिछाए जा रहे हैं। 70 फीसद तक यह कवायद पूरी हो चुकी है। जहां तक नई लाइन बिछ चुकी है, वहां गिट्टी पैकिंग कराई जा रही। मंगलवार को अपराह्न तीन बजे के बाद ब्लाक मिलने पर गिट्टी पैकिंग मशीन से मगरवारा रेलवे स्टेशन के पास कार्य कराया गया। इसमें कानपुर-लखनऊ सहित उन्नाव होकर बालामऊ व रायबरेली रेल रूट की ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ा। प्रभावित ट्रेन कानपुर सेंट्रल स्टेशन व गंगापुल बायां किनारा स्टेशन के मध्य रोकी गईं। गिट्टी पैकिंग का कार्य पूरा होने के बाद रेल रूट बहाल हो सकेगा।  ट्रेन 20 का कॉशन देकर गंतव्य की ओर रवाना की गईं। यह कॉशन सहजनी रेलवे क्रॉसिंग से मगरवारा स्टेशन के मध्य रहा। इसके बाद ट्रेनों की गति सामान्य रही। उधर, उन्नाव जंक्शन की लूप लाइन पर गिट्टी की छनाई का कार्य मैनुअल तरीके से कराया गया। इसमें आधा सैकड़ा श्रमिक लगाए गए थे। शाम पांच बजे तक कानपुर-लखनऊ रूट पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से सामान्य हो सका था। - विकास कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलपथ विभाग  

स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस गंगाघाट में दो मिनट रुकी

दिल्ली से लखनऊ जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस सिग्नल न मिलने से गंगाघाट रेलवे स्टेशन पर दो मिनट खड़ी रही। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि शताब्दी आने से कुछ मिनट पहले ओखा-गोरखपुर एक्सप्रेस उन्नाव के लिए रवाना हुई थी। इसके कारण शताब्दी को दोपहर 1:12 से 1:14 बजे तक रोकना पड़ा। 

Edited By: Shaswat Gupta