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Kanpur Businessman Murder: जेल से बाहर आते ही पहली बार शालू ने दी प्रतिक्रिया, सुब्रत को लेकर बताया ये सच

Published: Tue, 29 Sep 2026 01:59 PM (IST)

दवा कारोबारी हत्याकांड में जेल से बाहर आईं बहू शालू ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने खुद को निर्दोष ...और पढ़ें

जेल से बाहर आने के बाद शालू। जागरण

जेल से बाहर आने के बाद शालू। जागरण

HighLights

  1. शालू ने खुद को निर्दोष बताया, कहा सच सामने आया

  2. जेल में बेटे को बहुत याद किया, समय मुश्किल से कटा

  3. सुब्रत के आरोपों पर हैरानी जताई, कहा उनसे पूछिए

जागरण संवाददाता, कानपुर। दवा कारोबारी हत्याकांड में सोमवार शाम बहू शालू जेल से बाहर निकली तो उनका चेहरा पूरी तरह से ढका हुआ था।वह रोती रही। बहन-भाई ने उन्हें सभांला। उनके रिश्तेदार भी उसे लेने पहुंचे थे। उन्होंने उस वक्त मीडिया से बात नहीं की। हालांकि बाद में शालू ने अपने अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित के कान चैंबर स्थित चैंबर में दैनिक जागरण के पत्रकार के साथ बात की।

उन्होंने सबसे पहले कहा कि जो सच है सबके सामने है। शुरू से कह रही थी कि मैंने कुछ नहीं किया। मैं निर्दोष हूं और आज वही सच सामने आया। कहा कि जेल में बहुत तकलीफ में समय काटा। हर पल बेटे को याद किया। उसे कभी इतनी दूर नहीं रखा। मेरे लिए वो बहुत मुश्किल का था वैसे तो हर घर में थोड़ी बहुत नोकझोंक होती है, लेकिन कभी ये अहसास नहीं हुआ कि उसने (सुब्रत) ऐसा सोचा होगा।

सुब्रत से थोड़ा बहुत मनमुटाव था, जो हर घर और हर पति-पत्नी के बीच होता है। रिमांड पर भी जब आमना-सामना हुआ तो सुब्रत से पूछा तो उन्होंने मना कर दिया। बस वह कह रहे थे मुझे यकीन है कि तुमने(शालू ने) नहीं किया। अभी मेरी स्थिति ठीक नहीं है।

शालू ने बताया कि उस रोज जब वह घर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोला तो वहां के हालात देखकर चौक गई। वह ही आगे थी। पापा का शव पड़ा हुआ। बहुत ज्यादा खून बह रहा था। मेरी तो चीखें निकल गईं। समझ में ही नहीं आ रहा था क्या करें। इन्होंने(सुब्रत ने) अपने किटी मेंबर्स और रिश्तेदारों को फोन किया।

सीसी कैमरे में विशाल था, जिसका दूसरा नाम शुभम था। उन्हें शुभम नाम ही बताया गया था। उसने छूटते ही पति से कहा कि यह काम विशाल कर सकता है। शालू ने बताया कि विशाल जब दुकान पर आता था तो पापा उसकी बेइज्जती कर देते थे।

घटना से पहले हाल में ही उसकी बेइज्जती की थी उसे डांट कर भगाया था, जिससे वह पापा (विनीत मिनोचा) से चिढ़ता था, लेकिन सुब्रत ने उसकी बात अनसुनी कर दी थी। सुब्रत ने उन पर क्यों आरोप लगाए सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि वह उस समय जेल में थीं। उन्हें कुछ नहीं पता क्या हुआ। बस मैंने कुछ नहीं किया। ये सब झूठ है।

शालू से जब पूछा गया कि सुब्रत ने अपने पिता पर अन्य महिलाओं से अवैध संबंध होने और ससुर के उससे बैडटच के आरोप लगाए हैं क्या वह जानती थीं। इस पर उन्होंने हां में जवाब दिया। यह भी कहा कि शराब पीकर जब सुब्रत घर आते तो ससुर डांटते थे, लेकिन सुब्रत ने कभी भी उनसे ऐसा व्यवहार नहीं किया जो लगे कि बात हत्या करने या कराने तक आ जाएगी।

सुब्रत ने ऐसा क्यों किया के सवाल पर शालू ने कहा कि उन्होंने मुझपर क्या आरोप लगाए और ऐसा क्यों किया। ये उनसे ही पूछिए। उन्होंने बताया कि वह अब सीधे लखनऊ जा रही है, जहां वह मायके में अपने बेटे से मिलेगी। पति को पूछने पर उसने कहा कि वह इस विषय पर अभी कोई बात नहीं करना चाहती।

इस दौरान उससे ससुर का कारोबार संभालने की बात पूछी तो शालू ने साफ कहा कि कभी नहीं। इतने दिन बाद जेल से बाहर आई। अभी कुछ नहीं सोचा है। बस मम्मी पापा और बेटे के पास लखनऊ जाना है।

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