विनीत मिनोचा हत्याकांड: पुलिस ने शालू को निर्दोष माना, क्लोजर रिपोर्ट दाखिल, जल्द होगी रिहाई
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में उनकी बहू शालू की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है, पुलिस ने विवेचना ...और पढ़ें
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सुब्रत और शालू। जागरण अर्काइव
HighLights
पुलिस ने शालू को विनीत मिनोचा हत्याकांड में निर्दोष माना
विवेचना में शालू की भूमिका न मिलने पर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल
रिहाई के बाद शालू लखनऊ में बेटे श्रीजय से मिलेगी
जागरण संवाददाता, कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जेल भेजी गई उनकी बहू शालू की रिहाई का रास्ता फिलहाल साफ हो गया है। पुलिस ने विवेचना में शालू की भूमिका नहीं मिलने पर कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। जिस पर पुलिस आज सुनवाई कर सकती है। अगर सबकुछ सामान्य रहा तो कोर्ट से जल्द ही रिहाई परवाना जारी हो सकता है। जिसके बाद शालू जेल से बाहर आ जाएगी।
शालू के रिहाई की खबर से स्वजन काफी खुश हैं। पिता नरेश अरोड़ा का कहना है कि पुलिस ने जब शालू को हत्याकांड में आरोपित बनाकर जेल भेजा था, तभी से उन्हें भरोसा था कि वह ऐसा नहीं कर सकती। अब खुशी है कि जिस पुलिस ने उसे जेल भेजा था, उसी ने विवेचना के बाद उसे हत्याकांड में निर्दोष मानते हुए कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है।
शालू का बेटा श्रीजय फिलहाल ठाकुरगंज में अपने नाना-नानी के पास रह रहा है। स्वजन का कहना है कि जेल से रिहा होने के बाद शालू रतन आर्बिट स्थित अपने फ्लैट पर जाने के बजाय सीधे नाना-नानी के घर जाएगी और बेटे से मिलेगी।
दवा कारोबारी की हत्या की विवेचना में फिलहाल शालू की कोई भूमिका नहीं मिली है। उसे रिहा करने के लिए कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। रिपोर्ट पर सुनवाई के बाद कोर्ट उसकी रिहाई का आदेश जारी करेगी।
- रघुबीर लाल,पुलिस आयुक्त
फ्लैट में घुसकर हुई थी हत्या
कल्याणपुर के इंदिरा नगर स्थित रतन आर्बिट में घुसकर दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की पांच सितंबर को चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली तो दो संदिग्ध फ्लैट में घुसते दिखाई दिए। इनमें एक की पहचान विनीत के पुराने नौकर विशाल गौतम और दूसरे की उसके साथी राजकिशोर के रूप में हुई थी। अगले दिन देर शाम पुलिस ने बारासिरोही के पास मुठभेड़ में विशाल और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। दोनों के पैर में गोली लगी थी। विशाल ने पुलिस को पूछताछ में शालू के कहने पर हत्या करने की बात बताई थी। इसके आधार पर पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में विशाल, राजकिशोर और शालू की पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) लेकर पूछताछ की गई। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों से पुलिस को शालू की भूमिका नहीं मिली और हत्या की साजिश में दवा कारोबारी विनीत के बेटे सुब्रत की भूमिका सामने आई।
