अनवरगंज-मंधना प्रोजेक्ट: कानपुर रेलवे ट्रैक उखाड़कर बनेंगे गहरे पिलर, 6 मई से मिलेगा जमीन मुआवजा
कानपुर में अनवरगंज-मंधना एलिवेटेड रेल लाइन परियोजना के लिए मौजूदा ट्रैक हटाकर 30 मीटर गहरे पिलर बनाए जाएंगे। बुधवार से ...और पढ़ें

HighLights
अनवरगंज-मंधना ट्रैक हटाकर 30 मीटर गहरे पिलर बनेंगे।
100 भू-स्वामियों को 36 करोड़ रुपये मुआवजा मिलेगा।
बुधवार से जमीन की रजिस्ट्री शुरू, यूटिलिटी शिफ्टिंग लंबित।
जागरण संवाददाता, कानपुर। अनवरगंज-मंधना एलिवेटेड रेल लाइन बनाने के लिए वर्तमान ट्रैक को उखाड़ा जाएगा और यहां 30 मीटर गहराई से फाउंडेशन तैयार कर पिलर बनेंगे। इसके बाद ही पिलरों पर एलिवेटेड रेल लाइन डाली जाएगी। इसके लिए रेल विभाग प्रारंभिक तैयारियों को पूरा करने में लगा है। उधर, पीडब्ल्यूडी चिह्नित जमीन को अधिग्रहीत करने की योजना में है। किसानों के दस्तावेज एकत्र कर रहा है। बुधवार को जमीन की रजिस्ट्री कराने की तैयारी है।
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता श्याम जी सक्सेना ने बताया कि पूर्व में दो किसानों से रजिस्ट्री कराई गई थी। इसके बाद मामला विवादित होने के उपरांत रजिस्ट्री कार्य में देरी हुई है। सभी प्रकरण निस्तारण के बाद अब सोमवार को 20 किसानों को बुलाया था। इन लोगों के दस्तावेज एकत्र कर लिए गए हैं। अब इन किसानों को बुधवार को पीडब्ल्यूडी के पक्ष में रजिस्ट्री करने के लिए बुलाया गया है।
इन क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण
अनवरगंज-मंधना एलिवेटेड रेल लाइन और स्टेशन बनने के लिए बैरी अकबरपुर, जूहीखुर्द, गोसोमऊ, कल्यानपुर कला, बगदौधी बांगर, परगही बांगर के भू-स्वामियों की जमीन का अधिग्रहण होना है। जमीन अधिग्रहण पर 36 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें कुल 100 भू-स्वामियों की जमीन प्रभावित हो रही है। इन लोगों को करीब 36 करोड़ रुपये मुआवजा बांटा जाना है।
सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा
अभियंता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के भू-स्वामियों को डीएम सर्किल रेट का चार गुणे और नगरीय क्षेत्र के भू-स्वामियों को सर्किल रेट का दो गुणे मुआवजा दिया जाएगा। सभी संबंधित किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है।
यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए किया पत्राचार
दूसरी ओर उत्तर पूर्वी रेलवे के सीनियर सेक्सन इंजीनियर अभिषेक यादव ने बताया कि अनवरगंज-मंधना के बीच वर्तमान रेल ट्रैक को उखाड़ा जाएगा। यहां पिलर बनाए जाएंगे। रेल लाइन के सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। रेल लाइन के बीच में अंडरग्राउंड जल निगम ने 20 स्थल पर पाइप लाइन डाल रखी है और बिजली के केबल भी पड़े हैं। इन संबंधित विभागों को यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए पत्राचार कर एस्टीमेट मांगे गए हैं।
वाटर सप्लाई लाइन नहीं हटाई गई
सीनियर सेक्सन इंजीनियर ने बताया कि रेलवे ट्रैक के नीचे से वाटर सप्लाई लाइन हटाने के लिए उप मुख्य अभियंता ने 24 जनवरी को महाप्रबंधक जल निगम बेनाझाबर को पत्र लिखा था। लेकिन अभी तक जल निगम की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।प्रस्तावित एलिवेटेड ट्रैक के लिए पिलर बनाने के लिए फाउंडेशन बनेगा, जो जमीन के नीचे 30 मीटर की गहराई वाला होगा।
