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5600 Cr Cyber Fraud: ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी से जुड़ा दुबई-नेपाल नेटवर्क, दारोगा का बेटा भी शामिल

Published: Sat, 12 Sep 2026 11:56 PM (IST)

कानपुर में 5600 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है, जिसमें 1037 करोड़ ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के ...और पढ़ें

साइबर ठगी गिरोह का सरगना शाहजेव (मध्य में) और उसका साथी सलमान (बाएं)। पुलिस विभाग

साइबर ठगी गिरोह का सरगना शाहजेव (मध्य में) और उसका साथी सलमान (बाएं)। पुलिस विभाग

HighLights

  1. लखनऊ के लुलु माल में मिली थी दारोगा के बेटे की लोकेशन, साइबर टीम के पहुंचने से पहले नेपाल निकल गया

  2. गिरोह के सरगना समेत आरोपित जा चुके दुबई, तुर्की, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान, खंगाली जा रही ट्रैवल हिस्ट्री

  3. आनलाइन गेमिंग के 16 खातों में ठगी 1037 करोड़ के लेनदेन, आईसीआईसीआई व एचडीएफसी बैंक के खाते में तीन हजार करोड़ के लेनदेन

जागरण संवाददाता, कानपुर। 5600 करोड़ की ठगी की रकम में 1037 करोड़ रुपये के लेनदेन आनलाइन गेमिंग के 16 खातों में ही मिले हैं। ऐसे में स्पष्ट है कि ठगी की रकम ठिकाने लगाने के लिए ये गिरोह सबसे ज्यादा आनलाइन गेमिंग, आइपीएल समेत मैचों के सट्टा खेलने वालों के हजारों खातों में एक ही बार में ट्रांसफर कर देते थे। इस गिरोह में चकेरी सनिगवां के एक दारोगा का बेटा इखलाख भी शामिल है।

शुक्रवार को उसकी लोकेशन साइबर टीम को लखनऊ के लुलु माल की मिली थी, लेकिन जब तक टीम पहुंची, वह निकल गया। अब उसकी लोकेशन नेपाल की मिल रही है। साइबर टीम की जांच में एक और बात सामने आई है कि सरगना और उसके साथी दुबई, तुर्की, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान देश में जाने की भी मिली है, जिसके बाद अब उनकी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली जा रही।

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि सरगना शाहजेव वारिश से हैदराबाद जाने का कारण पूछा तो उसने बताया कि साथी मो. आरिफ ने वहां मिलकर पुलिस की गतिविधियां बताने की बात कही थी, लेकिन वह हैदराबाद एयरपोर्ट पर ही पकड़ा गया। वहीं, आरिफ की लोकेशन ट्रेस की तो वह मुंबई निकली।

वहीं, इस गिरोह में शामिल जाजमऊ के दरगाह शरीफ के पास रहने वाला चांद सिद्दीकी और बेकनगंज के मो. अमान पूर्व में ठगी के एक मामले में कानपुर जेल में बंद हैं। इसमें चांद के एक बैंक खाते में दो साल में 33.62 करोड़ रुपये, अमान के एचडीएफसी बैंक खाते में एक साल में 559 करोड़ का लेनदेन पाया गया।

सरगना के खास साथियों में इन दोनों के अलावा दारोगा का बेटा इखलाख हुसैन, एहतेशाम, शाहवेज इलाही, मो. मुजम्मिल, कर्नलगंज के गम्मू खां का हाता निवासी मो. आरिफ, मो. अनस, मो. अर्सलान समेत 10 आरोपित अभी फरार हैं।

गिरोह के 14 बैंकों में 77 खाते, आईसीआईसीआई व एचडीएफसी बैंक के खाते में तीन हजार करोड़ के लेनदेन

पुलिस आयुक्त ने बताया कि ठगों के इस गिरोह के 14 बैंकों के 77 बैंक खातों के बारे में जानकारी हुई है। इसमें आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, बैंक आफ बड़ौदा, बंधन बैंक, कोटेक महिंद्रा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक समेत बैंकें हैं। इसमें सबसे ज्यादा ठगी की रकम आइसीआइसीआइ और एचडीएफसी बैंक में तीन हजार करोड़ का लेनदेन पाया गया है।

ये बना रखी थी फर्जी फर्में

एग्रोकाम, सिद्धनाथ इंटरप्राइजेज, रायल इंटरप्राइजेज, इंडिगो, केजीएम, एएम इंटरप्राइजेज, एमए ट्रेडर्स, एसएस इंटरप्राइजेज, एमए ट्रेडर्स, एसएस इंटरप्राइजेज, एआइ एग्रो फूड, एसजी ट्रेडर्स, परफेक्ट ट्रेडर्स, एमएस रायल, एसआर इंटरप्राइजेज समेत 77 फर्मों का पता चला है। इन सभी फर्मों में उनकी टीम जाकर जांच करेगी। अब तक जिन फर्मों का पता चला है, उसमें नाम तो सही है, पर पते गलत मिले हैं, जिसमें स्लाटर, स्क्रैप की फर्में ज्यादा हैं।

इंस्पेक्टर और दारोगा को 25-25 हजार रुपये पुरस्कार

पुलिस आयुक्त ने बताया कि वैसे तो साइबर की टीम ने इस गिरोह का राजफाश किया, लेकिन इनमें साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अभय प्रताप सिंह और एसआइ रवि कुमार ने सबसे ज्यादा काम किया और दो महीने से ये दोनों साक्ष्य जुटा रहे थे। इन दोनों को 25-25 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप देने की घोषणा की।

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