कानपुर के दो महाठग ने की 5600 करोड़ की सबसे बड़ी साइबर ठगी, लुकआउट नोटिस के बाद हैदराबाद से गिरफ्तार, दोनों पर 86 केस
कानपुर के दो ठगों, शाहवेज वारिस और सलमान को 5600 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में हैदराबाद से गिरफ्तार ...और पढ़ें

पुलिस गिरफ्त में शाहवेज वारिस और सलमान पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के पीछे खड़े। जागरण
HighLights
आनलाइन गेम, आइपीएल सट्टा और निवेश के नाम पर बनाते थे निशाना
76 बोगस फर्मों के जरिए रकम ठिकाने लगाने का आरोप
शाहवेज के 11 खातों में 170 करोड़] सलमान के दो खातों में 16 करोड़ की ठगी की शिकायतें
अंकुर श्रीवास्तव, कानपुर। कानपुर में अब तक की सबसे बड़ी ठगी का राजफाश हुआ है। चमनगंज और बेकनगंज के दो शातिर अपराधियों ने ठगी का ऐसा मकड़जाल बुना कि 5600 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी कर डाली। पुलिस ने इन्हें हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया। अकेले एक आरोपी पर 86 केस दर्ज हैं।
कानपुर पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने 5600 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बेकनगंज के तलाक महल निवासी शाहवेज वारिस को हैदराबाद से गिरफ्तार किया। वहां की अदालत में पेश करने के बाद उसे 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया गया। उसकी निशानदेही पर चमनगंज निवासी सलमान को भी गिरफ्तार किया गया।

आनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टा और डिजिटल अरेस्ट से ऐंठते रकम
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपित आनलाइन गेमिंग, क्रिकेट मैच में सट्टा, निवेश और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से रकम ऐंठने वाले नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। उनके बैंक खातों, फर्जी कंपनियों और रकम के लेनदेन की जांच चल रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम को आनलाइन गेमिंग और आइपीएल मैच में सट्टा लगाने वालों के खातों समेत कई माध्यमों से इधर-उधर किया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
शाहवेज के 11 खातों में 170 करोड़ की शिकायतें
पुलिस के अनुसार, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दोनों आरोपितों के खिलाफ कुल 86 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें शाहवेज वारिस के 11 बैंक खातों से संबंधित शिकायतों में करीब 170 करोड़ रुपये की ठगी का उल्लेख है। वहीं, सलमान के दो बड़े खातों के खिलाफ 32 शिकायतें मिली हैं, जिनमें करीब 16 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की रकम बताई गई है। पुलिस इन शिकायतों और बैंक खातों के विवरण का मिलान कर रही है।
76 बोगस फर्में
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों ने करीब 76 बोगस फर्में तैयार कर रखी थीं। इन फर्मों और उनसे जुड़े बैंक खातों के जरिये ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजे जाने की आशंका है। साइबर टीम फर्मों के पंजीकरण, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
मुकदमा दर्ज होते ही दुबई भागा था शाहवेज
पुलिस जांच में सामने आया है कि शाहवेज के खिलाफ 18 अगस्त को मुकदमा दर्ज होने और लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद वह दुबई भाग गया था। बाद में उसके हैदराबाद में होने की जानकारी मिलने पर साइबर क्राइम टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि वह दुबई में किसके संपर्क में था और वहां से साइबर ठगी के नेटवर्क का संचालन तो नहीं कर रहा था।
लुक आउट नोटिस जारी किया
21 अगस्त को वापस आ गया। पर पुलिस ने उसका 24 अगस्त को लुक आउट नोटिस जारी हुआ तो 25 अगस्त को फिर दुबई भाग गया था। परसों वह हैदराबाद एयरपोर्ट पर पहुंचा तो उसे लुक आउट नोटिस जारी होने पर पकड़ लिया गया। शुक्रवार रात टीम उसे लेकर शहर आई। इस गिरोह में शामिल जाजमऊ के चांद सिद्दकी और बेकनगंज निवासी मो. अमान खान 24 अगस्त को पुलिस ने दूसरी ठगी में जेल भेजा था। इसमें चांद के एक खाते में 33.82 करोड़ और अमान के एक खाते में 559 करोड़ के लेनदेन मिले।
कम समय में ज्यादा मुनाफे का देते थे लालच
आरोपित अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। निवेश के नाम पर कम समय में रकम कई गुना करने का झांसा दिया जाता था। वहीं, आनलाइन गेमिंग और क्रिकेट मैच में सट्टे के जरिए मुनाफा कमाने का लालच देकर भी खातों में रकम मंगाई जाती थी। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर भी ठगी किए जाने की बात जांच में सामने आई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इन तरीकों से कितने लोगों को निशाना बनाया गया।
पहले भी पकड़े गए महाठग
कानपुर में साइबर और आर्थिक अपराध के बड़े मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। दिसंबर 2025 में पुलिस ने रवींद्र सोनी को देहरादून से गिरफ्तार किया था। जांच में उसके खिलाफ करीब 1500 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप सामने आए थे। पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। आरोपित ने 'ब्लूचिप' नाम से कंपनियों की चेन तैयार कर लोगों को निवेश के बदले 20 से 40 प्रतिशत तक रिटर्न और रकम दोगुनी करने का लालच दिया था।
पुराने कनेक्शन खंगाल रही
इसी तरह मई 2026 में कानपुर पुलिस ने महफूज अली उर्फ पप्पू छूरी को 3200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था। इन मामलों को देखते हुए साइबर टीम शाहवेज और सलमान के नेटवर्क का पुराने मामलों से भी कनेक्शन तलाश रही है।
नेटवर्क में कौन-कौन शामिल, जांच तेज
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 5600 करोड़ रुपये की बताई जा रही ठगी में वास्तव में कितने लोग शामिल हैं और रकम किन-किन खातों में पहुंची। एनसीआरपी की शिकायतों, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन का मिलान कराया जा रहा है। फर्जी फर्मों के अलावा दूसरे लोगों के दस्तावेजों पर खोले गए खातों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपितों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और चेहरे सामने आ सकते हैं।
