Kannauj Flood Alert: कन्नौज में गंगा का जलस्तर बढ़ा, ग्रामीण अलर्ट, गांव में पहुंचा मगरमच्छ
कन्नौज में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 80 सेंटीमीटर दूर बचा है। इससे ग्रामीणों की बढ़ी धड़कनें बढ़ने लगी हैं। कासिमपुर में कटान रोकने के लिए लगाई प्रशासन ने बल्लियां लगाई। इधर काली नदी से गांव में मगरमच्छ पहुंचने से हड़कंप मच गया।

जागरण संवाददाता, कन्नौज। गंगा का जलस्तर से तेजी से बढ़ रहा है। इससे तटवर्ती ग्रामीणों में दहशत भी बढ़ने लगी हैं। गंगा के तेज बहाव से कासिमपुर गांव में कटान रोकने के लिए प्रशासन ने बल्लियों को लगाया है। जिलाधिकारी ने बाढ़ की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। इधर, काली नदी भी उफान पर है। काली नदी से मगरमच्छ गांव में पहुंचने से हड़कंप मचा।
मैदानी और पहाड़ क्षेत्रों में रही वर्षा से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। सोमवार को शहर के मेहंदी घाट पर गंगा का जलस्तर 123.90 मीटर रिकार्ड किया गया है। इससे अब चेतावनी बिंदु 124.70 मीटर से जलस्तर 80 सेंटीमीटर है। गंगा के तेज प्रवाह से कासिमपुर गांव में हो रहे कटान को रोकने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने बांस और बल्लियों को लगाया है।
वहीं गंगा का जलस्तर बढ़ता देखकर तटवर्ती गांव कासिमपुर और बख्सीपुर्वा गांव के ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। कई ग्रामीण गृहस्थी का सामान सुरक्षित करने लगे हैं। ग्रामीण लालाराम वर्मा का कहना है कि चेतावनी बिंदु पार करते ही गांव में गंगा का पानी घुसने लगता है। इससे मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। मौजूदा समय खेतों में पानी भर गया है। इससे धनिया, बैगन और तरोई समेत अन्य सब्जियों की फसल नष्ट होने लगी हैं।
जिलाधिकारी ने बाढ़ की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। राजस्व टीमों ने गंगा के जलस्तर की निगरानी शुरू कर दी है। बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारी पूरी हैं। अधिकारी बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के संपर्क में हैं। एसपी विनोद कुमार ने भी मेहंदी घाट पर तैनात जल पीएसी को बाढ़ से निपटने के लिए मुस्तैद रहने को कहा है।
काली नदी उफान पर, गांव में आया मगरमच्छ
काली नदी उफान पर है। सदर कोतवाली के भीखमपुर गांव से करीब तीन सौ मीटर की दूर पर काली नदी बहती है। रविवार शाम करीब छह बजे नदी से निकलकर खेतों से होते हुए तीन क्विंटल वजन का एक वयस्क मगरमच्छ गांव में पहुंच गया। गुजर रही महिलाओं ने मगरमच्छ को देखकर शोर मचाया, तो ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इसकी जानकारी मिलते ही वन दारोगा सूर्य प्रताप सिंह और जलालपुर चौकी प्रभारी प्रशांत गौतम पहुंचे। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को पकड़कर उसे काली नदी में छोड़ दिया। डीएफओ हेमंत सेठ का कहना है कि वर्षा में जीव-जंतु में घनी बस्ती में घुस आते हैं। जीव-जंतु देखते ही नजदीक के पुलिस चौकी या वन विभाग कर्मचारियों को जानकारी दें। इन्हें रेस्क्यू कर जंगल या नदी में छोड़ दिया जाएगा।
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