महोबा, जागरण संवाददाता। उर्मिल बांध के आसपास क्षेत्र के करीब 150 किसानों के नाम सिंचाई विभाग ने श्रीनगर थाने में तहरीर दी। आरोप था कि यह किसान सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती कर रहे हैं। जो तहरीर दी गई उसमें आठ नाम ऐसे निकले जिनका पूर्व में निधन हो चुका है। जब इस मामले की जानकारी संबंधित गांव पिपरामाफ के लोगों को हुई तो किसानों ने इसकी शिकायत तहसीलदार से की। तहसीलदार ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए तुरंत सिंचाई  विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर किसानों ने कार्रवाई न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है। 

सिंचाई विभाग के सींचपाल गगनप्रताप ने श्रीनगर थाने में डाक के माध्यम से एक तहरीर दी है। इसमें उर्मिल बांध के आसपास क्षेत्र की सिंचाई  विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती करने वाले करीब डेढ़ सौ किसानों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। मामले की जांच करने थाना प्रभारी अनिल कुमार जब संबंधित गांव पिपरामाफ पहुंचे तो किसानों ने बताया कि इस सूची में आठ नाम ऐसे हैं जिनका चार से पांच साल पहले निधन हो चुका है। मामले की जानकारी पर गांव के जनक सिंह परिहार के साथ करीब पचास किसान सदर तहसीलदार से मिले और जांच कराने की मांग की। कहा कि जिन लोगों ने यह गलत तहरीर दी है जांच करके उन पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह लोग आमरण अनशन करेंगे। थाना प्रभारी अनिल कुमार ने कहा कि अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है, मामले की दोबारा जांच हो रही है।  

यह है मामला: मामला महोबा सदर तहसील की ग्राम पंचायत पिपरामाफ के उर्मिल बांध से जुड़ा हुआ है। 1978 में उर्मिल बांध निर्माण के दौरान इसके क्षेत्र में आने वाली जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया था। इसी जमीन पर किसान अपने परिवार का जीवन यापन करने को लेकर कृषि कार्य करते चले आ रहे हैं। किसान कहते हैं कि इसी दौरान सिंचाई विभाग के सींचपाल गगनप्रताप ने पट्टे की प्रक्रिया के तहत अन्य लोगों को पट्टे कर दिए थे। 

यह हैं मृत किसान: पिपरामाफ निवासी बनियां, रामविलास, जमुना प्रसाद, रिक्ता, राजकुमार, मिजाजीलाल, राजा दुलया, नरेंद्र सिंह, इन सभी का पूर्व में निधन हो चुका है। फिर भी इनके नाम दी गई तहरीर में हैं।

बोले जिम्मेदार: सदर तहसीलदार बालकृष्ण सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग की ओर से मृत किसानों के खिलाफ तहरीर दिए जाने के मामला सामने आया है, इसकी जांच के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए गए हैं। वहीं  सिंचाई विभाग के एक्सइएन संजय कुमार ने कहा कि इस मामले की दोबारा जांच कराई जा रही है, डोर टू डोर जाकर नामों की क्रास चेकिंग होगी। 

Edited By: Abhishek Agnihotri