कानपुर, जेएनएन। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हाईटेक सिस्टम से चालान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निर्धारित 80-100 किमी प्रति घंटा से अधिक रफ्तार होने पर वाहन चालक को एग्जिट टोल बूथ पर चालान की पर्ची थमा दी जाएगी। वाहन जिस सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) में पंजीकृत होगा, वहीं पर रफ्तार के हिसाब से जुर्माना जमा करना होगा। जुर्माना नहीं देने पर नोटिस भेजा जाएगा।

सेंसर तय कर देता है जुर्माना

यूपीडा के अधिकारी अमरदीप शर्मा ने बताया कि आगरा से लखनऊ के मध्य दोनों ओर 36 स्थानों पर सेंसर लगे हैं। रफ्तार ज्यादा होने पर सेंसर में स्पीड दर्ज हो जाएगी। सेंसर ही दूरी तथा वाहन के वजन के अनुरूप जुर्माना निर्धारित कर देता है। एक सितंबर से यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए आगरा व लखनऊ के साथ सैफई और चौपुला कट के मध्य टिमरुआ के पास कंट्रोलरूम स्थापित किया गया है। एक्सप्रेसवे पर 90 हाईटेक कैमरे लगे हैं और हर 50 किमी. पर स्पीड डिस्प्ले मीटर टावर हैं। यूपीडा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी मनोहर यादव ने बताया कि हादसों पर अंकुश लगाने को हाईटेक चालान प्रक्रिया शुरू की गई है।

कुछ यूं लगाया गया जुर्माना

बीते 12 सितंबर को कार (यूपी 75 एए 6686) ने इटावा के चौपुला टोल से लखनऊ टोल के मध्य 114 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार भरी तो चालक को लखनऊ टोल पर चालान पर्ची थमा दी गई। सेंसर ने इस कार पर 3400 रुपये तो आगरा से लखनऊ तक 122 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार भरने वाली कार पर 6600 रुपये जुर्माना निर्धारित किया।

दो बार चालान के बाद लगेगा प्रतिबंध

ओवर स्पीड में दो बार चालान होने के बाद संबंधित वाहन को आगरा से लखनऊ के मध्य किसी भी टोल से एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। टोल पर कंप्यूटर में वाहन नंबर दर्ज करते ही जानकारी सामने आ जाएगी।

यह है निर्धारित रफ्तार

- कार, जीप, मैजिक तथा अन्य चार पहिया वाहनों की अधिकतम गति 100 किमी. प्रति घंटा

- ट्रक, ट्राला, डीसीएम, बस सहित अन्य भारी वाहनों की अधिकतम गति 80 किमी. प्रति घंटा 

Posted By: Abhishek

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