महोबा, जेएनएन। बुधवार दोपहर को चाइल्ड लाइन से महोबा आरपीएफ इंस्पेक्टर के पास फोन आया कि बरौनी एक्सप्रेस से कुछ बच्चों को गुजरात ले जाया जा रहा है। ट्रेन को महोबा स्टेशन पर रोक लें। आरपीएफ ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए जैसी ही ट्रेन दोपहर करीब 12 बजे महोबा पहुंची तो तलाशी लेकर बच्चों को आरपीएफ ने अपनी कस्टडी में लिया। बच्चे बिहार के खगड़िया जिले एक अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। इनकी उम्र छह साल से 15 साल तक के बीच की है। पकड़ा गया आरोपित अपना नाम 40 वर्षीय अनवर खां बता रहा है। गुजरात में किस मदरसा में बच्चों को ले जा रहा था यह वह नहीं बता सका।

   आरपीएफ इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें बुधवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे महोबा चाइल्ड लाइन के डायरेक्टर मनोज कुमार ने फोन करके बताया कि उन्हें किसी ने जानकारी दी है कि कुछ बच्चों को बरौनी एक्सप्रेस से बिहार से गुजरात ले जाया जा रहा है। गाड़ी को कृपया महोबा में रुकने के दौरान बच्चों को अपनी देखरेख में उतरवा लें। ट्रेन पर सवार आरपीएफ को तुरंत अलर्ट किया गया। बताए गए ट्रेन के डिब्बे में आरपीएफ के जवान पहुंचे और बच्चों को अपनी देखरेख में लिया। उनको ले जा रहे मोहम्मद अनवर आलम निवासी वार्ड नंबर छह, गांव सासी जिला खगड़िया थाना अलौली बिहार को भी महोबा रेलवे स्टेशन पर बच्चों के साथ उतार लिया गया। बताया कि  छह साल से लेकर 15 साल तक के 24 बच्चे हैं। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि वह अपने माता-पिता की सहमति से मदरसा में पढ़ने के लिए जा रहे हैं। अनवर आलम ने कहा कि वह इन सभी को लेकर गुजरात जा रहा था, वहां किस मदरसा में जाना है यह पता वह नहीं बता सका। बरामद बच्चों में 18 बच्चे बिहार के खगड़िया जिले के अलग-अलग गांव के हैं। दरभंगा जिले के गांवों के चार बच्चे और समस्तीपुर जिले के गांवों के दो बच्चे हैं। सभी बच्चों के चाइल्ड फेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के चेयरमैन प्रेमचंद्र ने अपनी देखरेख में ले लिया है। उन्होंने कहा कि मामले की पड़ताल की जा रही है।

Edited By: Shaswat Gupta