कानपुर, जेएनएन। शहर के आयुध निर्माणियों में बनने वाली धनुष तोप, अर्जुन और टी-72 टैंक देश के मेक इन इंडिया को पंख दे रहे हैं। रक्षा मंत्रालय ने पिछले तीन साल के आंकड़ों के आधार पर जारी रिपोर्ट में यह दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक इन तीन वर्षों में रक्षा मंत्रालय को दो लाख करोड़ के 119 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसमे टैंक के साथ ही आकाश और तेजस एयरक्राफ्ट में लगने वाले पैराशूट शामिल हैं जो फील्डगन फैक्ट्री में बनते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया अभियान शुरू किया है। इसके तहत देश में ही ज्यादातर वस्तुओं के निर्माण और उनकी तकनीकी विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।रक्षा उत्पाद के मामले में इस पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। यही कारण है कि आयुध निर्माणियों में सरकार के मेक इन इंडिया के सूत्र को ध्यान में रखकर उत्पाद बनाए जा रहे हैं। राज्यसभा में रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने जुलाई 2021 में इस संबंध में एक रिपोर्ट दी। जिसमें उन्होंने पिछले तीन साल के आंकड़े प्रस्तुत किए।

रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018-19 से लेकर 2020-21 तक में मेक इन इंडिया अभियान के तहत रक्षा मंत्रालय को 2,15,690 करोड़ रुपये के 119 प्रस्ताव मिले हैं। मेक इन इंडिया के तहत यह बड़ी उपलब्धि है। योजनाबद्ध तरीके से इन्हें पूरा किया जा रहा है। इस क्रम में 155 एमएम आर्टिलरी गन का निर्माण किया जा रहा है जिसे चरणबद्घ तरीके से सेना को उपलब्ध कराया जा रहा है। ओएफसी और फील्डगन फैक्ट्री दोनों आयुध निर्माणियों में बड़ी संख्या में तोपों का निर्माण किया जा रहा है। अगले दो सालों में सेना की ओर से दिए गए इस आर्डर को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

धनुष, टी-72, अर्जुन टैंक के अलावा ब्रिज लेईंग टैंक, आकाश मिसाइल, तेजस एयरक्राफ्ट में लगने वाले पैराशूट सबसे प्रमुख हैं। जानकारों के मुताबिक अर्जुन टैंक का अत्याधुनिक वर्जन बनाने का आर्डर फील्ड गन फैक्ट्री को मिल चुका है जिस पर काम चल रहा है। आल इंडिया डिफेंस एम्प्लाइज फेडरेशन के ज्वाइंट सेक्रेटरी आरएस रेड्डी ने बताया कि सरकार ने यह ऐलान किया है। हम उम्मीद करते है जल्द से जल्द आर्डर आयुध निर्माणियों को मिले ताकि उत्पादन शुरू हो सके।

Edited By: Abhishek Agnihotri