इन्वेंटिव में 12 शोध विकास परियोजनाएं प्रस्तुत करेगा IIT Kanpur, ड्रोन तकनीक और 5जी बेसबैंड यूनिट होगा खास
आइआइटी दिल्ली में 14-15 अक्टूबर को आयोजित होने वाली प्रदर्शनी इन्वेंटिव में सभी 23 आइआइटी अपने शोध कार्य प्रस्तुत करेंगे। इसमें आइआइटी कानपुर भी ड्रोन तकनीक 5जी प्रणाली के लिए बनी बेसबैंड यूनिट के साथ कई परियोजनाएं प्रदर्शित करेगा।

कानपुर, जागरण संवाददाता। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) कानपुर के विशेषज्ञ आइआइटी दिल्ली में 14-15 अक्टूबर को होने वाली विशाल प्रदर्शनी ‘इन्वेंटिव’ में 12 अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं का प्रदर्शन करेंगे। इसमें ड्रोन तकनीक, 5जी तकनीक के लिए बनाई गई बेसबैंड यूनिट आदि परियोजनाएं शामिल हैं। प्रदर्शनी में देश के सभी 23 आइआइटी अपने अनुसंधान एवं विकास कौशल को उजागर करेंगे। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान मुख्य अतिथि होंगे।
आइआइटी निदेशक प्रो. अभय करंदीकर उद्घाटन के पहले दिन पैनल चर्चा में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों पर छह शोकेस प्रोजेक्ट और 75 अन्य प्रोजेक्ट होंगे। आइआइटी कानपुर ड्रोन तकनीक को प्रस्तुत करेगा और आइआइटी मद्रास के साथ 5जी टेक्नोलाजी पर संयुक्त रूप से प्रदर्शन करेगा।
संस्थान के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अभिषेक ड्रोन तकनीक पर हुए अनुसंधान कार्यों पर प्रकाश डालेंगे। स्वदेशी 5जी प्रणाली विकसित करने के लिए बेस स्टेशन की बेसबैंड यूनिट भी विकसित की थी। इस बाबत इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. रोहित बुद्धिराजा जानकारी देंगे।
भू-परीक्षक उपकरण, वैकल्पिक ईंधन वाले वाहन भी होंगे प्रदर्शित
संस्थान ने पिछले वर्ष 107 पेटेंट दायर किए थे, जिसमें से 97 राष्ट्रीय व 10 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट शामिल हैं। यह एक वर्ष में दायर पेटेंट का रिकार्ड है। इन्वेंटिव के लिए जिन 12 परियोजनाओं का चयन हुआ है, उसमें दृष्टिबाधित लोगों के लिए विकसित उन्नत स्मार्ट घड़ी शामिल है। यह घड़ी हैप्टिक सेंसर व सुइयों के संकेतकों के साथ स्पर्श तकनीक से लैस है।
इसके अलावा 90 सेकेंड में मिट्टी के स्वास्थ्य व पोषक तत्वों की जांच करने वाला भू-परीक्षक उपकरण, त्वरित जल गुणवत्ता की जांच के लिए विकसित उपकरण, वैकल्पिक ईंधन क्षेत्र के दोपहिया प्रोटोटाइप, औद्योगिक उत्सर्जन व वायु गुणवत्ता निगरानी के लिए इंटरनेट आफ थिंग्स (आइओटी) तकनीक पर आधारित सेंसर, गैस पाइप लाइन की क्षमता व जांच के लिए बनाया गया रोबोट और वास्तविक समय में रसायनिक विशिष्टता का उपयोग करने की तकनीक आदि शामिल हैं।
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