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प्लास्टिक कचरे से बनेंगे भवनों के पैनल, AI से होगी छंटाई; IIT Kanpur के 5 स्टार्टअप विकसित कर रहे नई तकनीक

Published: Sun, 11 Oct 2026 11:29 PM (IST)

आईआईटी कानपुर के पांच स्टार्टअप प्लास्टिक और औद्योगिक कचरे को निर्माण सामग्री, पैनल, स्मार्ट बिन और कोल्ड स्टोरेज जैसे उपयोगी ...और पढ़ें

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HighLights

  1. प्लास्टिक कचरे से निर्माण सामग्री और भवन पैनल तैयार होंगे

  2. एआई स्मार्ट बिन कचरे की स्वचालित छंटाई में मदद करेंगे

  3. पुनर्चक्रित प्लास्टिक से कोल्ड स्टोरेज व पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग

जागरण संवाददाता, कानपुर। प्लास्टिक कचरे से निर्माण सामग्री, भवनों के पैनल और पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग तैयार की जाएगी। आईआईटी के पांच स्टार्टअप प्लास्टिक और औद्योगिक कचरे को उपयोगी उत्पादों में बदलने की तकनीक विकसित कर रहे हैं।

इनमें एआई आधारित स्मार्ट बिन से कचरे की स्वचालित छंटाई और पुनर्चक्रित प्लास्टिक से कोल्ड स्टोरेज बनाने जैसे नवाचार भी शामिल हैं। संस्थान इन तकनीकों को बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने और बाजार तक पहुंचाने की तैयारी में है।

आइआइटी के स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआइआइसी) की देखरेख में परनाड रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से ‘अद्वय-प्लास्टिक सर्कुलैरिटी इनोवेशन लांचपैड’ में पांचों स्टार्टअप को प्रस्तुत किया है। पहले चरण के तहत चयनित स्टार्टअप के उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई गई।

निवेशकों ने नवाचारों की उपयोगिता और व्यावसायिक संभावनाओं को परखा। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने पांचों स्टार्टअप के संस्थापकों को सम्मानित किया और उनकी तकनीकी जानकारी ली।

कार्यक्रम में एमएसएमई-डीएफओ कानपुर के निदेशक वीके वर्मा, सहायक निदेशक अमित बाजपेयी, परनाड रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन के प्लांट हेड आकाश सिंह और एसआइआइसी के सीईओ डा. आशुतोष अग्निहोत्री भी मौजूद रहे।

ये पांच स्टार्टअप बदलेंगे कचरे की तस्वीर

  • राउ इकोस्टोन: प्लास्टिक और औद्योगिक कचरे से निर्माण सामग्री तैयार कर रहा है। इससे निर्माण क्षेत्र में पुनर्चक्रित सामग्री का इस्तेमाल बढ़ाने में मदद मिलेगी।
  • जुवायरन: पुनर्चक्रित सामग्री से भवन निर्माण और सजावट में इस्तेमाल होने वाले पैनल तैयार करता है। इससे पारंपरिक निर्माण सामग्री के विकल्प विकसित किए जा सकेंगे।
  • स्वच्छ एआई टेक्नोलाजीज: एआई आधारित स्मार्ट बिन विकसित कर रहा है, जो कचरे को स्वचालित तरीके से अलग करने में मदद करेगा। इससे कचरे की छंटाई और प्रबंधन की प्रक्रिया बेहतर हो सकेगी।
  • फ्रूवेटेक: पुनर्चक्रित प्लास्टिक से कोल्ड स्टोरेज समाधान तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य फसल कटाई के बाद कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखकर उनके खराब होने से होने वाले नुकसान को कम करना है।
  • मुशलूप: माइसीलियम यानी कवक के जाल से कंपोस्टेबल पैकेजिंग और प्राकृतिक रंगों के विकल्प विकसित कर रहा है। इससे पारंपरिक पैकेजिंग सामग्री के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।


कार्यक्रम के दूसरे चरण में चयनित स्टार्टअप को कारोबार का माडल तैयार करने, कचरा प्रबंधन की चुनौतियों को समझने, व्यवसाय का विस्तार करने और निवेश हासिल करने की तैयारी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- प्रो. दीपू फिलिप, प्रोफेसर इंचार्ज एसआईआईसी

 

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