लैब से उद्योग तक पहुंचेगी IIT Kanpur की डीप-टेक तकनीक, दिल्ली के 'समन्वय 2026' में औद्योगिक घरानों के सामने होगी चर्चा
आईआईटी कानपुर 'समन्वय 2026' के माध्यम से अपनी डीप-टेक शोध और नवाचार को उद्योगों से जोड़ेगा। यह आयोजन दिल्ली के ...और पढ़ें
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कानपुर आईआईटी।
HighLights
डीप-टेक शोध को प्रयोगशालाओं से उद्योगों तक पहुंचाया जाएगा
दिल्ली के भारत मंडपम में 'समन्वय 2026' का आयोजन होगा
पर्यावरण-अनुकूल कार्गो हाइपरलूप और ग्रीन उत्पाद होंगे प्रदर्शित
जागरण संवाददाता, कानपुर। प्रयोगशालाओं में विकसित अत्याधुनिक तकनीक को शोधपत्रों के दायरे से निकालकर उद्योगों तक पहुंचाया जाएगा। डीप-टेक शोध और नवाचार को उद्योगों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं तक पहुंचाने के लिए आईआईटी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘आईआईटीके समन्वय 2026’ की तैयारी कर रखी है। देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधियों के साथ स्टार्टअप व विज्ञानियों को आमने - सामने चर्चा करने का मौका भी इस आयोजन में मिलने वाला है।
आईआईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर बिशाख भट्टाचार्य ने बताया कि तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। देश को ग्रासरूट इनोवेशन के साथ अब डीप-टेक नवाचार पर भी तेजी से आगे बढ़ना होगा। उच्चस्तरीय वैज्ञानिक शोध को उद्योग से जोड़कर ही उसका व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रभाव तैयार किया जा सकता है।
समन्वय में आईआईटी के विभिन्न विभागों की डीप-टेक परियोजनाएं प्रदर्शित की जाएंगी। प्रो. भट्टाचार्य की प्रयोगशाला ने पर्यावरण-अनुकूल कार्गो हाइपरलूप का माडल और डिजाइन तैयार किया है। इसके माध्यम से खदानों से बिजली संयंत्रों तक कोयला और अन्य खनिजों के परिवहन को अधिक स्वच्छ और आधुनिक तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। इसके अलावा कचरे से उपयोगी औद्योगिक ग्रीन उत्पाद तैयार करने वाली तकनीकों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
उद्योग और अकादमिक जगत के बीच बनेगा सेतु
‘इम्पैक्ट मल्टीप्लायर्स : टेक्नोलाजी एंड रिसर्च फार ग्रेटर गुड’ विषय पर विशेष पैनल चर्चा होगी। इसका संचालन प्रो. बिशाख भट्टाचार्य करेंगे। इसमें पीआइ इंडस्ट्रीज की अक्षिता शुक्ला, हीरो फ्यूचर एनर्जीज की भावना किरपाल मित्तल, इंडियन आयल के विभूति रंजन प्रधान, स्टरलाइट इलेक्ट्रिक, रेसोनिया एवं सेरेंटिका के डा. एंटनी नेलिसरी, बिसलेरी इंटरनेशनल के के. गणेश और सत्व कंसल्टिंग के पवन कुमार शामिल होंगे।
चर्चा में सीएसआर, उद्योगों की फंडिंग और संसाधनों को आईआईटी के शोध से जोड़कर स्वास्थ्य, पर्यावरण, ऊर्जा, शिक्षा और आजीविका के क्षेत्र में तकनीकों को बड़े स्तर पर लागू करने पर मंथन होगा। इससे पहले समन्वय का आयोजन आईआईटी परिसर में ही किया जाता था लेकिन पहली बार इसे देश की राजधानी में करने की तैयारी है। इससे इंडस्ट्री को अकादमिक शोध के करीब आने का मौका मिलेगा।
