CSJMU Kanpur के छात्रों को रेल यात्रा में मिलेगी बड़ी राहत, विश्वविद्यालय ने शुरू की रियायत प्रमाण पत्र प्रक्रिया
सीएसजेएमयू ने छात्रों को रेल यात्रा में रियायत देने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे दूरदराज से आने वाले करीब ...और पढ़ें

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय।
HighLights
सीएसजेएमयू ने छात्रों के लिए रेल रियायत प्रमाण पत्र शुरू किया
करीब पांच हजार छात्रों को अवकाश में घर जाने में राहत
कुलपति ने दूरदराज के विद्यार्थियों को आर्थिक मदद की उम्मीद जताई
जागरण संवाददाता, कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के विद्यार्थियों को अब अवकाश में घर आने-जाने के लिए रेल यात्रा में रियायत मिल सकेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहली बार निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर रेलवे रियायत प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है।
सीएसजेएमयू में 17 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें करीब पांच हजार विद्यार्थी दूसरे जिलों से आकर पढ़ाई करते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को अवकाश के दौरान गृह नगर आने-जाने में रेल किराये का खर्च उठाना पड़ता है। रियायत की सुविधा उनके लिए आर्थिक रूप से उपयोगी होगी। विश्वविद्यालय की ओर से पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रेलवे रियायत प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
इसके आधार पर रेलवे के लागू नियमों और शर्तों के अनुसार रियायती यात्रा का लाभ मिलेगा। पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। रियायत की वास्तविक उपलब्धता रेलवे के प्रचलित नियमों के अधीन होगी। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक का कहना है कि शुरू की गई इस पहल से दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को यात्रा खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।
इधर, स्कालरली इंडेक्स की टाप-1000 सूची में सीएसजेएमयू के 13 शिक्षक
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के 13 शिक्षक स्कालरली इंडेक्स की टाप-1000 स्कालर रैंकिंग में शामिल हुए हैं। खास बात यह है कि सूची में अलग-अलग अकादमिक और शोध क्षेत्रों से जुड़े शिक्षक शामिल हैं। इससे परिसर में हो रहे शोध की विविधता के साथ शिक्षकों के शोध कार्यों की अकादमिक पहुंच भी सामने आई है।
सूची में डा. राकेश कुमार शर्मा, डा. अरुण गुप्ता, डा. प्रीति सिंह, डा. सुनील कुमार, डा. प्रमोद कुमार यादव, डा. अजय कुमार पांडेय, डा. नमिता तिवारी, डा. अंजू दीक्षित, डा. संदीप सिंह, डा. अमन राठौर, डा. भूमिका यादव, डा. ओमपाल और डा. संजीव कुमार सिंह शामिल हैं।
स्कालरली इंडेक्स में शोधकर्ताओं का आकलन केवल प्रकाशित शोध पत्रों की संख्या से नहीं होता। साइटेशन, एच-इंडेक्स, डी-इंडेक्स, शोध प्रभाव और संबंधित विषय में प्रदर्शन जैसे मानकों को भी आधार बनाया जाता है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने शिक्षकों की उपलब्धि पर कहा कि इससे शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन को प्रोत्साहन मिलेगा।
