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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IIT Kanpur: सेना कमांडर ने आईआईटी पहुंच जानी साइबर सुरक्षा, ड्रोन और रोबोटिक्स की तैयारियां

Published: Thu, 15 May 2025 09:17 PM (IST)

भारतीय सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने आईआईटी कानपुर का दौरा किया। उन्होंने संस्थान में साइबर सुरक्षा ड्रोन ...और पढ़ें

आइआइटी पहुंचे सेना कमांडर ने जानी साइबर सुरक्षा, ड्रोन और रोबोटिक्स की तैयारियां
आइआइटी पहुंचे सेना कमांडर ने जानी साइबर सुरक्षा, ड्रोन और रोबोटिक्स की तैयारियां

HighLights

  1. सेना कमांडर ने आइआइटी का दौरा किया
  2. साइबर सुरक्षा, ड्रोन पर अनुसंधान देखा
  3. रक्षा सहयोग के लिए खुले रास्ते

जागरण संवाददाता, कानपुर। भारत और पाकिस्तान के मौजूदा तनाव के बीच भारतीय सेना के जनरल आफिसर कमांडिंग-इन-चीफ सेंट्रल कमांड लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता आइआइटी कानपुर पहुंच गए हैं। उन्होंने आइआइटी निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल से मुलाकात कर ड्रोन, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा संबंधी संस्थान के अनुसंधान कार्यों की जानकारी ली है।

आइआइटी निदेशक ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल के दौरे से राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा । आइआइटी निदेशक ने लेफ्टिनेंट जनरल का संस्थान पहुंचने पर स्वागत किया और उन्हें संस्थान की उन अनुसंधान गतिविधियों के बारे में बताया जो रक्षा क्षेत्र के लिए उपयोगी हो सकती हैं।

निदेशक ने बताया कि रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण इंटेलीजेंट सिस्टम, साइबर सुरक्षा, ड्रोन और रोबोटिक्स में ऐसे काम हो रहे हैं, जिनका व्यावहारिक प्रयोग किया जा सकता है। सेना के साथ लगातार संवाद व चर्चा से ऐसे नवाचार किए जा सकते हैं जो भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने वाले होंगे।

ड्रोन और रोबोटिक्स की तैयारियां परखी

लेफ्टिनेंट जनरल ने आइआइटी की हेलीकाप्टर लैब में पहुंचकर तैयार किए गए ड्रोन देखे और उनकी कार्य क्षमता के बारे में जानकारी ली। यूएवी लैब में उन्नत रिमोट पायलटिंग सिम्युलेटर पर यूएवी उड़ाने का तरीके का अनुभव भी किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आइआइटी कानपुर के अनुसंधान और नवाचार को देखना उत्साहजनक है।

इस तरह के सहयोग से हमारी स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया जा सकेगा। आइआइटी के साथ मिलकर वास्तविक सुरक्षा चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं। आइआइटी में भारतीय सेना प्रकोष्ठ के नोडल फैकल्टी इंचार्ज प्रो.कांतेश बलानी, डीआरडीओ के डीआइए-सीओई संजय टंडन और आइआइटी के डीन अनुसंधान एवं विकास प्रो. तरुण गुप्ता मौजूद रहे।

शिक्षकों और छात्रों ने नवाचार का किया प्रदर्शन आइआइटी के छात्रों और शिक्षकों ने इस मौके पर अपने अनुसंधान और नवाचार का प्रदर्शन भी किया जिसमें प्रो. बी. भट्टाचार्य की टीम, प्रो. शक्ति गुप्ता और आदित्य ने चतुर्भुज और रोटरी प्रणालियों वाले उन्नत रोबोटिक्स का प्रदर्शन किया।

प्रो. वैभव के. श्रीवास्तव, प्रो. जे. रामकुमार, प्रो. अनंत रामकृष्ण और प्रो. अभिषेक सरकार ने संभावित रक्षा अनुप्रयोगों वाले मेटा मटेरियल्स में किए गए विकास के बारे में बताया। आइआइटी के स्टार्ट-अप टेराक्वा यूएवी, एथ्रोन एयरोस्पेस और नाइट्रोडायनामिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने भी अपने ड्रोन उत्पाद दिखाए।

सी3 आइ हब में साइबर सुरक्षा संबंधी अनुसंधान के बारे में निदेशक ने जानकारी दी जबकि सेंटर फार डेवलपिंग इंटेलिजेंट सिस्टम्स में प्रो. नितिन सक्सेना, हेलीकाप्टर और वीटीओएल लैब में प्रो. अभिषेक , यूएवी लैब में प्रो. एस. सदरला ने अनुसंधान व तकनीकों के बारे में बताया।