रक्षा क्षेत्र में नई तकनीक को कारोबार बनाएंगे IIT कानपुर और IIM बेंगलुरु, डीपटेक स्टार्टअप्स को मिलेगी रफ्तार
आईआईटी कानपुर और आईआईएम बेंगलुरु के NSRCEL ने रक्षा व एयरोस्पेस क्षेत्र में डीप-टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए ...और पढ़ें
-1792000231525_m.webp)
HighLights
आईआईटी कानपुर और आईआईएम बेंगलुरु ने की साझेदारी।
रक्षा-एयरोस्पेस डीप-टेक स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा।
तकनीकी नवाचारों को व्यावसायिक समाधानों में बदलेंगे।
जागरण संवाददाता, कानपुर। भारत में डीपटेक स्टार्टअप को मजबूती देने और रक्षा क्षेत्र इकोसिस्टम को सृदृढ़ करने के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों ने साझेदारी की है। आइआइटी के डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट में प्रोफेसर जयंधरन गिरिधर राव और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) बेंगलुरु के प्रमुख बिजनेस इनक्यूबेटर नादथुर एस राघवन सेंटर फार एंटरप्रेन्योरियल लर्निंग (एनएसआरसीईएल) की सीईओ रसिका प्रशांत ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।
यह इस तरह की पहली साझेदारी है जो तकनीकी नवाचार, उद्यमिता और व्यवसाय विकास में दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता को एक प्लेटफार्म में साथ लाएगी। यह पहल विशेष रूप से रक्षा, एयरोस्पेस और इनसे जुड़े रणनीतिक क्षेत्रों में डीप-टेक स्टार्टअप्स को गति देने और उभरती प्रौद्योगिकियों को बाजार के लिए तैयार व्यावसायिक समाधानों में बदलने पर केंद्रित है।
इसका उद्देश्य डीप-टेक नवाचारों को तकनीकी सत्यापन से आगे बढ़ाकर व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बनाना है। स्टार्टअप्स को ग्राहकों की पहचान, बाजार सत्यापन और उद्यम विकास के लिए संरचित सहयोग देगा। प्रो. राव ने कहा कि आइआइटी में डीप-टेक नवाचारों की मजबूत श्रृंखला है और इसे बाजार तक पहुंचाना प्राथमिकता है। यह सहयोग पूरक क्षमताओं को एक साथ लाता है।
सीईओ रसिका प्रशांत ने कहा कि यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में पहल है जो रक्षा और एयरोस्पेस क्षमताओं को मजबूत करने के लक्ष्य के अनुरूप है। समझौते के तहत संयुक्त इनक्यूबेशन, सह-इनक्यूबेशन, ज्ञान साझा करने और उद्योग-निवेशकों के साथ सहभागिता पर काम होगा। यहां प्रो. राजा अंगमुथु, अनुराग सिंह, डा. पूर्णा राय, डा. आशुतोष अग्निहोत्री, पीयूष मिश्रा, प्रद्यानंद कुंभारे और प्रणव चतुर्वेदी मौजूद रहे।
