कानपुर में SDM की कुर्सी पर बैठी किसान की बेटी जानवी, एक दिन के लिए संभाली नर्वल तहसील की जिम्मेदारी
कक्षा सात की छात्रा जानवी को मिशन शक्ति अभियान के तहत एक दिन के लिए नर्वल तहसील का एसडीएम बनाया ...और पढ़ें

नर्वल तहसील में एक दिन के लिए एसडीएम बनाई गई छात्रा जानवी जनसुनवाई के दौरान शिकायतें सुनती हुई। तहसील
HighLights
जानवी को मिशन शक्ति के तहत एक दिन का SDM बनाया
उसने जनसुनवाई कर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए
किसान की बेटी जानवी ने अपनी कार्यप्रणाली से सबको प्रभावित किया
शैलेंद्र त्रिपाठी, महाराजपुर(कानपुर)। आत्मविश्वास की चमक, एकनिष्ठ लक्ष्य और जीतोड़ मेहनत मुसीबतों व संघर्षों में भी मेधा को सफलता की नई इबारत लिखने से रोक नहीं पाता। ऐसी ही नर्वल के एक छोटे से गांव व किसान परिवार की बेटी है जानवी।
कक्षा सात की छात्रा जानवी को मंगलवार को जब मिशन शक्ति अभियान के तहत एक दिन का नर्वल तहसील का एसडीएम बनाया गया तो मानों उसके सपनों को पंख लग गए हों। जनसुनवाई के दौरान त्वरित कार्रवाई व लापरवाही पर फटकार और समाधान के तरीकों से उसने जनता और अधिकारियों सभी का दिल जीत लिया।
गांव की गलियों में पली - बढ़ी व साधारण किसान पिता का हाथ बंटाने को खेतों की पगडंडियों में दौड़ी बेटी मंगलवार को जब नर्वल तहसील में एक दिन के लिए एसडीएम की कुर्सी पर बैठी तो वहां का नजारा बदला हुआ था। एक बुजुर्ग फरियादी जब फरियाद लेकर पहुंचे और बच्ची को एसडीएम के पद पर आसीन देख वो भौचक्के रह गए।
बोल पड़े अरे य बिटिया नई एसडीएम बनिके आई है का। उनको बताया गया आज की एसडीएम यही हैं। आज यही लोगों की फरियादें सुनेंगी और समाधान कराएंगी। छात्रा ने जनसुनवाई के दौरान एसडीएम व तहसीलदार के सामने ही प्रार्थना पत्रों की सुनवाई पर राजस्व कर्मियों व दारोगाओं को फोन कर कड़ी फटकार लगाई।
दो - टूक कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही व जिम्मेदारी प्राथमिकता है। लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी। नर्वल एसडीएम ने भी छात्रा के सम्मान में अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर उन्हे तहसील से स्कूल के लिए विदा किया।
नर्वल के मजरा प्रतापपुर निवासी साधारण किसान दंपती चंद्रभान व अरुणा की बड़ी बेटी 12 वर्षीय जानवी यादव प्राथमिक स्कूल नर्वल प्रथम में कक्षा सात की छात्रा है। मंगलवार को जानवी को एक दिन के लिए एसडीएम नर्वल की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सबसे पहले जानवी ने एसडीएम की कुर्सी पर बैठकर जनसुनवाई की। यहां कुल 10 शिकायतें सुनी।महोली के मनोज, चतुरीखेड़ा की रामा व कमालपुर के राजू की समस्याओं को सुना। संबंधित अधिकारियों को त्वरित निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम न्यायालय का भ्रमण कर वहां की कार्य प्रणाली को देखा।
एसडीएम के पेशकार को मुकदमों में प्रभावी कार्रवाई व फाइलों के रखरखाव के उचित प्रबंधन के निर्देश दिए। लगभग दो घंटे तक जानवी ने तहसील के अधिकारियों के साथ परिसर का भ्रमण किया।गंदगी पर नाराजगी जताई।
इसके बाद एसडीएम नर्वल सत्यपाल प्रजापति व तहसीलदार शालिनी सिंह छात्रा को गाड़ी तक छोड़ने आईं। एसडीएम ने सरकारी गाड़ी से छात्रा को तहसील से विद्यालय के लिए विदा किया।छात्रा के साथ उनकी अध्यापिका मंजू चौधरी भी रहीं।
स्कूल के सामने से निकलता डीएम का काफिला तो हो जाती उत्सुक
छात्रा जानवी को मार्गदर्शन देने वाली नर्वल प्रथम प्राथमिक स्कूल की अध्यापिक मंजू चौधरी ने बताया जब भी तहसील में डीएम आते हैं तो उनकी गाड़ियों का काफिला स्कूल के सामने से ही गुजरता है। जानवी उत्सुक होकर पूछती थी ये कौन अधिकारी हैं। कौन सी परीक्षा पास कर ये डीएम बने। उसके बाद उसने फोन पर गूगल में सर्च कर आइएएस व आइएफएस की जानकारी ली और डीएम या भारतीय विदेश सेवा में जाने की ठानी है।
डीएम के हाथों मिला था सम्मान
बेसिक शिक्षा की जिला स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में वो प्रथम आई थी। तत्कालीन डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने विकास भवन में जानवी को सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया था।वो अन्य बच्चों से अलग है। जानवी के माता - पिता ने बताया बेटी तीन बच्चों में सबसे बड़ी है। पढ़ाई के साथ वो घर और खेतों में भी हाथ बंटाती है। संघर्ष कर पढ़ा रहे हैं ताकि भविष्य बच्चों का सुनहरा हो और वो सफलता पाकर सभी को गौरवान्वित करें।
कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा
एसडीएम नर्वल सत्यपाल प्रजापति ने बताया जानवी को मिशन शक्ति अभियान के तहत एक दिन का एसडीएम बनाया गया था। जनसुनवाई कर तहसील की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा ।
