कानपुर, जेएनएन। अगर आप घर बैठे समूह के रूप में एक दूसरे की मदद करना चाह रहे हैं तो आसानी से कर सकेंगे। आपको इसके लिए कुटुंब एप पर एक क्लिक करना होगा। आइआइटी कानपुर के एल्युमिनाई स्वतंत्र वर्मा ने इसे अपने चार सहयोगियों के साथ तैयार किया है। स्वतंत्र का कहना है, कि इस एप को इसलिए तैयार किया गया ताकि कोरोना महामारी के दौरान अधिक से अधिक संगठन इससे जुड़ सकें और अच्छी संख्या में लोगों को मदद मिल सके। आंबेडकर नगर निवासी स्वतंत्र वर्मा ने कहा, कि अब तक इस एप से देश भर के 10 हजार से अधिक संगठन जुड़ चुके हैं।

पंजीकृत संगठनों को दे रहे अधिक सुविधाएं

स्वतंत्र ने बानगी के साथ बताया कि अगर कोई एप की मदद से चंदा एकत्रित करना चाहता है, तो उसे एप पर यह फीचर तभी मिलेगा जब वह अपने संगठन की पंजीकरण संबंधी सारी जानकारी अपलोड कर देगा। इसके अलावा अन्य सुविधाएं भी पंजीकृत संगठनों को ही मुहैया कराई जा रही हैं। हालांकि, जो इस एप का उपयोग करना चाहते हैं वह बिना किसी शुल्क के कर सकते हैं।

क्यों पड़ी जरूरत

स्वतंत्र ने बताया कि देश-दुनिया में अगर कोई इस तरह के कम्यूनिटी एप (कुटुंब एप) से जुड़ जाता है, तो उसे एक साथ कई सदस्यों से बातचीत का मौका मिलता है। साथ ही अगर उसे किसी तरह की मदद चाहिए तो वह भी आसानी से मुहैया हो जाती है। आपदा, महामारी समेत अन्य स्थितियों में इस तरह के एप बहुत मददगार साबित होते हैं।

एप की होंगी ये विशेषताएं

- उपयोग के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है

- सभी मुख्य जानकारियां के लिए अलग सूचना बोर्ड साथ ही हर सदस्य के लिए नोटिफिकेशन

- डिजिटल सदस्यता देने के लिए संस्था सदस्य विकल्प चुन सकते हैं

- सदस्य समूह में एक साथ जुड़कर बात कर सकते हैं

- अधिक से अधिक संख्या में लाइव ऑडियो बातचीत कर सकते हैं

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