गर्मी में क्यों टूट रही हैं हड्डियां? मेडिकल कालेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ से जानें डिहाइड्रेशन-जोड़ों के दर्द का गहरा कनेक्शन
गर्मियों में डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से हड्डी व जोड़ों की समस्या बढ़ जाती है, खासकर बीपी और शुगर के ...और पढ़ें

डॉ फहीम अंसारी जीएसवीएम। जागरण
HighLights
गर्मी में डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से हड्डी रोग बढ़ते हैं
बीपी और शुगर रोगियों में हड्डी व जोड़ों का खतरा अधिक होता है
संतुलित खान-पान और पानी की पर्याप्त मात्रा हड्डियों के लिए महत्वपूर्ण
जागरण संवाददाता, कानपुर। गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलन के कारण हड्डी और जोड़ रोग की समस्याएं बढ़ जाती है। खासतौर पर यह खतरा ब्लड प्रेशर (बीपी) और शुगर (डायबिटीज) के रोगियों में हड्डियों के कमजोर होने का मुख्य कारण बन रहा है। रक्त संचार में कमी, कैल्शियम और विटामिन-डी का असंतुलन और नसों का क्षतिग्रस्त होने के कारण एलएलआर, उर्सुला और कांशीराम चिकित्सालय की आर्थों ओपीडी में जोड़ों में दर्द और अकड़न, गठिया, हड्डी के फ्रैक्चर और चोट, मांसपेशियों में ऐंठन, टेंडोनाइटिस, आस्टियोपोरोसिस की समस्या से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
हड्डी की बीमारियों का खतरा गर्मी में बीपी, शुगर और मेनोपाज की स्थिति में और भी बढ़ जाता है। यह बातें दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में जीएसवीएम मेडिकल कालेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. फहीम अंसारी ने पाठकों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कही। उन्होंने कहा कि उम्र के बढ़ने के साथ ही हड्डियों का क्षरण होने लगता है। जिसे खान-पान, संतुलित दिनचर्या से दुरुस्त किया जा सकता है। पेश है पाठकों से बातचीत के मुख्य अंश...।
- क्या गर्मी में यूरिक एसिट के मामले बढ़ जाते हैं। इसकी क्या पहचान है? - धीरज गुप्ता, लालबंगला।
- जी हां, गर्मी में यूरिक एसिट के मामलों में बढ़ोत्तरी होने लगती है। इस कारण ही अंगूठा, एड़ी और शरीर के छोटे जोड़ों में दर्द होने लगता है। यह समस्या शुगर के मरीजों में ज्यादा दिखती है। देर रात तक खाना खाना, शरीर में पानी की कमी भी इसका मुख्य कारण बनती है। शरीर के छोटे जोड़ों में सुबह के समय तेज दर्द इसकी पहचान है।
- गर्मी के दिनों में पैरों की हड्डियों का दर्द बढ़ जाता है। ऐसा क्यों होता है। इससे कैसे बचाव करें? - वेद प्रकाश गुप्ता, बारासिरोही। बीपी सिंह, पनकी। अंबरीश तिवारी, हंसपुरम। अशोक कुमार गुप्ता, शुक्लागंज।
- गर्मी के दिनों में हड्डी के दर्द की समस्या बढ़ने का मुख्य कारण डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलन होता है। इस कारण ही पैरों की एड़ी से लेकर मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है। इसलिए शरीर में पानी की कमी न होने दें। समय-समय पर पानी पिएं। अगर पैरों का दर्द कमर तक जा रहा है तो यह आस्टियोपोरोसिस की समस्या हो सकती है। एलएलआर अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में संपूर्ण इलाज की व्यवस्था है। अगर आप एसी युक्त कमरे में रहते हैं, तो सीधे कमरे से तेज धूप में नहीं निकलें।
- घुटने में दर्द की समस्या रहती है। अब चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है? - सुरेश पंडित, सैनिक नगर। राजेंद्र सिंह खनूजा, बंबा रोड। आरपी शरद, बर्रा छह। पूर्णिमा, नौघड़ा।
- उम्र बढ़ने के साथ घुटने और कमर की हड्डियां कमजोर होने लगती है। इसलिए एक बार घुटनों का एक्सरे कराकर ओपीडी में दिखा लें। यह गठिया का लक्षण है। इसलिए आपको तेज दर्द हो रहा होगा। इसमें स्टेरायड का सेवन नहीं करें। दर्दनाशक दवाएं हड्डियों के साथ शरीर के अन्य भाग को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए घबराएं नहीं, समय पर इलाज से गठिया से बचा जा सकता है।
- मेनोपाज के बाद से हड्डियों में दर्द बना रहता है। इससे कैसे बचाव करें? - रीता, गोविंद नगर।
- मेनोपाज के बाद शरीर में पोषण की कमी के साथ ही हड्डियां कमजोर होने लगती है। इस कारण हड्डी रोग विभाग में दिखा लें। जांच के बाद आपकी हड्डियों की समस्या का इलाज किया जा सकेगा। हड्डी कमजोर होने से फ्रैक्चर का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए खान-पान बेहतर करें। प्रोटीन रिच भोजन का प्रयोग करें।
- मेरी उम्र 62 वर्ष है, अब कमर की हड्डी में दर्द रहता है। गर्मियों में यह दिक्कत बढ़ जाती है? - सत्येंद्र राय, मीरपुर। मदन, किदवई नगर।
- उम्र के साथ हड्डियों का क्ष्ररण हो सकता है। आस्टियोपोरोसिस के कारण भी ऐसा हो सकता है। इसलिए हड्डी रोग विभाग में दिखा लें। वहां पर आपकी जांच और इलाज किया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर न्यूरो विभाग के विशेषज्ञों की देखरेख में आपका इलाज कराया जाएगा। तब तक भारी समान उठाने से बचें। झुककर काम करने से बचें। सोते समय ऊंची तकिया और गद्दे का प्रयोग करने से बचें।
- मेरी पत्नी को खड़े होकर अधिक काम करना पड़ता है। रात में सोते समय तेज दर्द होता है? - महेंद्र पांडेय, काकादेव। मोहन अरोड़ा, दबौली।
- महिलाओं के पैर में सूजन और दर्द के कई कारण होते हैं। विटामिन डी की कमी के साथ बी-12 की कमी से ऐसा हो सकता है। एक बार आप जांच कराकर एलएलआर के हड्डी रोग विभाग में दिखा लें। हड्डियों में दर्द का कारण रूमेटाइड आर्थराइटिस होता है। इसका समय पर इलाज कराकर इसकी गंभीरता से बचा जा सकता है।
- मेरी पत्नी की उम्र 62 वर्ष है। अब चलने-फिरने में दर्द हो रहा है। क्या करें? - रामकिशोर, कश्यप, ओईएफ कालोनी।
- आस्टियोपोरोसिस में घुटना प्रत्यारोपण करना पड़ता है। आप एक बार एलएलआर के आर्थो विभाग में दिखा लें। जहां पर इंजेक्शन के जरिये घुटने के लिगामेंट तक दवा पहुंचाया जाता है। कैल्शियम और प्रोटीन रिच डाइट से घुटना प्रत्यारोपण के खतरे को कम किया जा सकता है। ओजोन और प्लाजा रिच प्लेटलेट्स थेरेपी की मदद से आपका इलाज किया जा सकता है।
- 50 साल का हूं। बैडमिंटन खेलता हूं। अब बैंक पेन हो रहा है। क्या यह आस्टियोपोरोसिस या फिर आर्थराइटिस है? - स्वदेश श्रीवास्वत, हरसहाय कालेज। गोपाल कटियार, शिवराजपुर।
- आपको गर्दन की नस का रेडियेशन पेन हैं। खेलते समय तेज और अधिक झुकाव वाले शाट लगाने से बचें। डाइट को बेहतर करें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। इससे घबराएं नहीं, दिनचर्या और खान-पान में सुधार कर आप बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं। आस्टियोपोरोसिस और आर्थराइटिस का दर्द अलग-अलग होता है। आस्टियोपोरोसिस में चलने-फिरने में दिक्कत होती है। कमजोरी लगती है और जोड़ों में दर्द बना रहता है। जबकि आर्थराइटिस के दर्द में जोड़ों में सूजन, दर्द अधिक होता है। इसलिए हड्डियों में दर्द, सूजन होने पर डाक्टर को जरूर दिखाएं।
- पैरों में दर्द और जोड़ों में दर्द के कारण चलने में अब दिक्कत हो रही है? - अंजू दीक्षित, कल्याणपुर।
- अगर सूजन के साथ दर्द रहता है तो यह आर्थराइटिस के लक्षण हैं। थायराइड, शुगर, बीपी के मरीजों में उम्र बढ़ने के साथ ऐसा हो सकता है। यूरिक एसिड के कारण भी ऐसा दर्द हो सकता है। इसलिए एक बार एलएलआर अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में दिखा लें। जांच के बाद ही आपकी समस्या का निदान किया जा सकता है।
इन्होंने किए प्रश्न
निर्मल सिंह सिसोदिया, अन्ना चौराहा। अमरीना फातिमा, जाजमऊ। छोटे लाल यादव, रामादेवी। आरबी सैनी, पंचवटी। मो. तारिक, शिवराजपुर। अर्चना तिवारी
गर्मी में ऐसे रखें हड्डियों की सेहत का ख्याल
- बच्चे, युवा, महिला और बुजुर्ग शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- बच्चों और बुजुर्ग को नींबू पानी और ओआरएस घोल दें।
- खाने में प्रोटीन और कैल्शियम रिच खाद्य पदार्थ की मात्रा बढ़ाएं।
- हल्दी का सेवन खाने में जरूर करें। यह कैल्शियम के स्तर को बेहतर करता है।
- कोल्डड्रिंक सेवन करने से बचें।
- देर रात तला और मसालेदार खाने से बचें।
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