जागरण संवाददाता, कानपुर : नवरात्र में देवी पूजन के साथ ही बेटियों को देवी रूप में पूजा जाता है। बेटी पूजन की यह परंपरा इस बात का संदेश है कि वे दुर्गा, लक्ष्मी व काली के रूप में हैं। बावजूद इसके एक मां ने अपनी दो मासूम बेटियों को बेसहारा व लावारिस हालत में छोड़ दिया। गुरुवार दोनों बेटियों को सुभाष चिल्ड्रेन होम में पनाह दी गई। रेलवे चाइल्ड लाइन अब उनके परिवार की तलाश कर रही है।

रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर बेंच में रात 11 बजे दो बच्चियां सो रही थीं। काफी देर बाद भी कोई स्वजन नहीं आया तो यात्रियों ने जीआरपी को सूचना दी। जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने बच्चियों को अपनी सुरक्षा में लिया और चाइल्ड लाइन के कार्यकर्ताओं के साथ दोनों को सेंट्रल स्टेशन परिसर में घुमाया। टीम को उम्मीद थी कि स्वजन सेंट्रल पर ही होंगे। शायद बच्चियां उन्हें देखकर पहचान लें। बच्चियों के स्वजन का पता न चलने पर रेलवे चाइल्ड लाइन ने गुरुवार को उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। समिति के आदेश के बाद उन्हें सुभाष चिल्ड्रेन होम भेज दिया गया।

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एक ही रंग के कपड़े पहने हैं बच्चियां

लावारिस हालात में मिली एक बच्ची की आयु एक से डेढ़ वर्ष तो दूसरी की दो से ढाई वर्ष बताई जा रही है। बड़ी बच्ची भी अपना नाम तक नहीं बता पा रही है। मम्मी कहकर बस रोने लगती है। दोनों बच्चियों ने एक जैसी ड्रेस पहन रखी है। आरपीएफ इंस्पेक्टर पीके ओझा ने बताया, सीसीटीवी फुटेज निकाली जा रही हैं, जिससे बच्चियों को छोड़ने वाले की पहचान करने की कोशिश की जाएगी।

Edited By: Jagran