सेबी के पूर्व चेयरमैन ज्ञानेंद्र नाथ बाजपेई पहुंचे कानपुर, बोले- भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, चिंता की बात नहीं
सेबी और एलआईसी के पूर्व चेयरमैन ज्ञानेंद्र नाथ बाजपेई ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत है और रुपये ...और पढ़ें

कार्यक्रम को संबोधित करते सेबी व एलआइसी के पूर्व चेयरमैन ज्ञानेंद्र नाथ बाजपेई। जागरण
HighLights
भारत की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत, 7% से ऊपर जीडीपी ग्रोथ
भविष्य एआई और नवीन टेक्नोलाजी का, निवेशकों का रुझान
छोटे शहरों के विकास को व्यापारिक माहौल बनाना जरूरी
संवाद सहयोगी, घाटमपुर(कानपुर)। 'भारत की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत है। इसलिए डालर के मुकाबले रुपये के गिरने व मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालातों पर बहुत चिंता की जरूरत नहीं है। भारत वर्तमान में सात प्रतिशत से ऊपर की जीडीपी ग्रोथ पर है और देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत स्तर पर है।' यह बातें शनिवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) व भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पूर्व चेयरमैन ज्ञानेंद्र नाथ बाजपेई ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।
विभिन्न संस्थानों के निदेशक मंडल के सदस्य रहे ज्ञानेंद्र नाथ बाजपेई मूल रूप से घाटमपुर तहसील क्षेत्र के भदरस गांव निवासी हैं। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा गांव से प्राप्त कर कानपुर देहात के मूसानगर से हाईस्कूल तक की पढ़ाई की है। शनिवार को घाटमपुर में पटेल जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे।
उन्होंने कहा कि भविष्य एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) व नवीन टेक्नोलाजी का है। निवेशक भी इन्हीं क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। एक बड़ी वजह यह भी है कि वर्तमान में कई निवेशकों ने भारतीय बाजारों से लगातार निकासी की है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस बिकवाली को संभाल लिया है। लेकिन, भारत को भी भविष्य को देखते हुए एआई और नई टेक्नोलाजी पर तेजी से काम करना चाहिए।
कस्बों का विकास तभी, जब व्यापारिक माहौल बने
उन्होंने बताया कि छोटे नगरों और कस्बों के विकास के लिए व्यापारिक माहौल बनाना होगा। स्कूलों में प्रबंधक और प्रधानाचार्य यह सुनिश्चित करें कि युवा उद्यमियों को अपने विद्यालय में आमंत्रित करे। सेमिनार आयोजित किए जाएं। जिनसे बच्चे सीख ले सकें और भविष्य में इस राह में आगे बढ़ सकें। हमें परंपरागत तरीकों से इतर भी सोचना होगा।
सरकार कर रही पूरी मदद, जानकारी का आभाव
बताया कि सरकार विभिन्न स्कीम के जरिए युवा उद्यमियों की मदद कर रही है। क्षेत्र में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करके जानकार लोगों, विभाग के अधिकारियों को बुलाया जाए। उनके द्वारा तमाम योजनाओं की जानकारी बच्चों और युवाओं तक पहुंचाई जानी चाहिए। जानकारी के अभाव में कई युवा उद्यम के क्षेत्र में जाने से हिचकते हैं।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।