Fake Cement Factory Case: नकली सीमेंट फैक्ट्री के दोनों संचालक भाई फरार, एक नेपाल में तो दूसरा हाईकोर्ट से जमानत की फिराक में
कानपुर में डैमेज सीमेंट की रीपैकिंग कर प्रतिष्ठित ब्रांडों के नाम पर बेचने वाले गिरोह के फैक्ट्री संचालक दोनों भाई ...और पढ़ें

HighLights
फैक्ट्री संचालक एक भाई नेपाल में तो दूसरा हाईकोर्ट से जमानत की फिराक में
पुलिस ने प्रयागराज में डाला डेरा, जल्द गिरफ्तारी होने का किया जा रहा दावा
डैमेज सीमेंट नीलामी में खरीद एसीसी के नाम पर रीपैकिंग कर बेचने का मामला
जागरण संवाददाता, कानपुर। डैमेज सीमेंट नीलामी में खरीद रीपैकिंग कर एसीसी समेत प्रतिष्ठित ब्रांडों के नाम पर बेचने वाले गिरोह के फैक्ट्री संचालक दोनों भाई अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगे। पुलिस के अनुसार एक आरोपित नेपाल में तो दूसरे के प्रयागराज में होने की जानकारी मिल रही है। आरोपित अग्रिम जमानत लेने की फिराक में हैं। पुलिस टीम वहां डेरा जमाए हुए हैं। जल्द उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है।
अदाणी ग्रुप के कानपुर शाखा के सीनियर सेल्स मैनेजर मुमताज हक की शिकायत पर पुलिस ने पनकी के इस्पात स्थित फैक्ट्री में पिछले बुधवार को छापा मारा था। फैक्ट्री से मुंशी राहुल को गिरफ्तार कर काफी मात्रा में खुली और डैमेज सीमेंट की बोरियां बरामद हुईं थीं। मामले में पुलिस ने मुंशी, फैक्ट्री संचालक नीरज गुप्ता, उसके भाई धीरज, उसके साझेदार मेरठ निवासी निशांत मित्तल, उसके पिता सुनील मित्तल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने सोमवार को मेरठ से निशांत को गिरफ्तार किया था। मंगलवार शाम कोर्ट में पेश करने पर एक लाख रुपये के बांड पर उसे रिहा कर दिया गया था। हालांकि पूछताछ में उसने बताया कि उसकी तरह नीलामी की सीमेंट दिल्ली के प्रीतमपुरवा निवासी पवन गोयल भी बेचता है। लेकिन फैक्ट्री संचालक पुलिस के हाथ नहीं लगे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों भाइयों के नेपाल में होने की जानकारी मिली थी, लेकिन बाद में पता चला कि हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत लेने की फिराक में है। कहीं ऐसा तो नहीं एक भाई नेपाल पहुंच फाेन चालू किया हो, जिससे पुलिस भ्रमित हो जाए और दूसरा भाई हाईकोर्ट पहुंच सके। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस वहां पहुंची है।
फैक्ट्री संचालक दोनों भाई और मेरठ के एक आरोपित की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। जल्द उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं, दिल्ली के जिस व्यक्ति का नाम आया है। विवचेना में उसे शामिल कर जांच की जा रही है।
- रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त
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