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राख मिलाकर बनाते थे नकली माल, कानपुर में 6 साल से चल रहा था नकली सीमेंट का काला खेल; हर माह 1.25 करोड़ का कारोबार

Published: Sat, 24 Oct 2026 10:58 PM (IST)

कानपुर के इस्पात नगर में छह साल से चल रहे नकली सीमेंट के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस ...और पढ़ें

इस्पात नगर में गोदाम के बाहर पड़ी एक्सपायरी सीमेंट की बोरियां। जागरण

इस्पात नगर में गोदाम के बाहर पड़ी एक्सपायरी सीमेंट की बोरियां। जागरण 

HighLights

  1. छह साल से चल रहा था नकली सीमेंट का खेल, हर माह सवा करोड़ का कारोबार

  2. लखनऊ, मेरठ के साथ ही दिल्ली के कारोबारियों तक पहुंची पुलिस की जांच

  3. अदाणी ग्रुप की शिकायत पर 14 अक्टूबर को पनकी पुलिस ने मारा था छापा

  4. 30 हजार बोरियां हर माह खपाने का अनुमान, 625 वर्गमीटर के प्लाट में चल रहा है गोदाम

जागरण संवाददाता, कानपुर। इस्पात नगर में नकली सीमेंट पकड़े जाने के बाद शुरू हुई जांच के तार अब लखनऊ, मेरठ से होते हुए दिल्ली तक पहुंच चुके हैं। छह साल से कथित तौर पर चल रहे इस खेल में हर महीने 30 हजार बोरियां खपाने का अनुमान खुद सीमेंट कंपनियों के प्रतिनिधियों ने लगाया है।

लखनऊ में नए एयरपोर्ट के निर्माण में सीमेंट की आपूर्ति से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस इस पूरे नेटवर्क के तार खंगालने में जुट गई है। इस्पात नगर की फैक्ट्री में छह ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर सीमेंट तैयार की जाती थी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इमारतों की मजबूती की नींव में इस्तेमाल होने वाली सीमेंट के नाम पर आखिर कितने समय से और कितने बड़े स्तर पर धोखे का यह खेल चल रहा था। पेश है संवाददाता रितेश द्विवेदी की रिपोर्ट...

छह साल से चल रहा मिलावटी सीमेंट का खेल

इमारतों की मजबूती की नींव बनने वाला सीमेंट ही अगर मिलावटी हो तो भवन कैसे मजबूत हो सकता है। शहर के इस्पात नगर में कथित तौर पर छह साल से चल रहे नकली सीमेंट के खेल ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस तरह से तैयार करते थे निकली सीमेंट

यहां एक्सपायरी और खराब हो चुकी सीमेंट में फ्लाई ऐश (बिजली बनाने में कोयला जलाने से निकली राख) मिलाकर अदाणी ग्रुप की एसीसी और अंबुजा सीमेंट के नाम वाली बोरियों में भरकर बाजार में छह साल से सप्लाई किया जा रहा था।

लखनऊ एयरपोर्ट के निर्माण में भी हुई आपूर्ति

पुलिस को मिली रसीदों में लखनऊ के नए एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में भी सीमेंट की आपूर्ति के साक्ष्य मिले हैं। हालांकि, कहां-कहां और कितनी मात्रा में सीमेंट भेजा गया, इसकी पुष्टि आरोपितों से पूछताछ और जांच के बाद ही हो सकेगी।

14 अक्टूबर को मारा गया था छापा

अदाणी ग्रुप के कानपुर शाखा के सीनियर सेल्स मैनेजर मुमताजुल हक की शिकायत पर पनकी थाना पुलिस ने 14 अक्टूबर को इस्पात नगर स्थित फैक्ट्री में छापा मारा था। यहां ब्रांडेड कंपनियों के नाम की बोरियों में एक्सपायरी सीमेंट भरकर सप्लाई किए जाने का सच सामने आया। पुलिस ने मौके से मुंशी राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस

इस मामले में गोदाम संचालक लालबंगला निवासी धीरज गुप्ता, नीरज गुप्ता व मेरठ निवासी निशांत मित्तल और सुनील मित्तल के खिलाफ पनकी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी इस काले कारोबार की परत दर परत खुलने लगी।

हर महीने 30 हजार बोरियों की सप्लाई

इस्पात नगर में प्रतिमाह करीब 30 हजार बोरियों की सप्लाई की जा रही थी। इससे लगभग सवा करोड़ रुपये प्रतिमाह का कारोबार हो रहा था। सीमेंट किन निर्माण कंपनियों, ठेकेदारों और अन्य प्रतिष्ठानों तक पहुंचाई जाती थी, इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस अभी जुटा रही है।


नीलामी में यूपी के साथ मध्य प्रदेश से खरीदते थे खराब सीमेंट

पनकी थाना क्षेत्र की इंडस्ट्रियल चौकी के प्रभारी अंकित चौधरी के मुताबिक प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कंपनियों से एक्सपायर और खराब हो चुकी सीमेंट को नीलामी के माध्यम से खरीदा जाता था। इसे मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से मंगाकर इस्पात नगर स्थित गोदाम में रखा जाता था। वहां छन्ने से छानने के बाद सीमेंट को दोबारा बोरियों में पैक किया जाता था। आरोप है कि असली सीमेंट, एक्सपायरी सीमेंट और फ्लाई ऐश को मिलाकर तैयार सामग्री को एसीसी और अंबुजा जैसी ब्रांडेड कंपनियों के नाम से बाजार में भेजा जाता था।

2019 से संचालित हो रहा गोदाम

इस्पात नगर स्थित करीब 625 वर्गमीटर का प्लाट वर्ष 2014 में केडीए से आवंटित हुआ था। वर्ष 2019 से यहां सीमेंट का गोदाम संचालित हो रहा है। अदाणी सीमेंट के रीजनल मैनेजर ने भी गोदाम में सीमेंट के कारोबार से संबंधित जानकारी की पुष्टि की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गोदाम में मिलावट के खेल में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

फ्लाई ऐश की आपूर्ति के लिए पावर प्लांट के पास बनाया गोदाम

नकली सीमेंट तैयार करने में फ्लाई ऐश का इस्तेमाल होता है। पुलिस को संदेह है कि इसकी आपूर्ति नजदीक स्थित पनकी पावर प्लांट से हो सकती है। हालांकि चौकी प्रभारी के मुताबिक अभी तक फ्लाई ऐश की खरीद और आपूर्ति से संबंधित ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बाजार में संदेह से बचने के लिए एसीसी सीमेंट की एजेंसी ली गई थी।


नकली सीमेंट के मामले में गोदाम संचालकों की तलाश की जा रही है। बोरियां कहां प्रिंटेड होती थीं और सप्लाई कहां भेजी गई, उनके पकड़े जाने के बाद पता चल सकेगा। पुलिस की टीम आरोपितों की तलाश कर रही है। प्लाट मालिक का नाम पता करने के लिए केडीए को पत्र भेजा गया है
अंकित चौधरी, विवेचक एवं चौकी प्रभारी इंडस्ट्रियल क्षेत्र पनकी

 

लखनऊ में नए एयरपोर्ट के निर्माण के लिए किस फर्म से सप्लाई भेजी गई, इसकी जांच की जा रही है। 30 हजार से ज्यादा बोरियां प्रतिमाह सप्लाई होने का अनुमान है। पुलिस की जांच में सहयोग करने के साथ ही स्वयं भी इस मामले की विस्तार से जांच कर रहे हैं।
विजिलेंस टीम प्रभारी, अदाणी एसीसी अंबुजा ग्रुप

 

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