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कानपुर के राजू डीजे वाले...खुद फटे कपड़े पहने, पर बेटी को पहनाई देश की वर्दी, स्टेशन में विदाई के Viral Video से आंखें नम

By Sunil VermaEdited By: Anurag Shukla
Published: Tue, 21 Apr 2026 04:32 PM (IST)

कानपुर के राजू डीजे वाले की बेटी वंदना कुशवाहा का बीएसएफ में चयन हुआ है। स्टेशन पर बेटी को विदा ...और पढ़ें

HighLights

  1. राजू डीजे की बेटी वंदना कुशवाहा का बीएसएफ में चयन।

  2. फटे कपड़ों में पिता ने बेटी को दी भावुक विदाई।

  3. कानपुर स्टेशन पर विदाई का वीडियो हुआ वायरल।

सुनील वर्मा, कल्याणपुर (कानपुर)। कानपुर रेलवे स्टेशन में एक अद्भुत गौरव और संघर्ष की मिसाल देखने को मिली। स्टेशन का एक ऐसा दृश्य इंटरनेट वीडियो पर वायरल हुआ जिसको देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। दूसरों की खुशियों में गांव-गांव डीजे बजाने वाला फटे हुए कपड़ों में स्टेशन पर बैठे पिता की आंखों में चमक थी। मौका था बेटी को बीएसएफ की ट्रेनिंग के लिए विदाई का। जमीन पर बैठे पिता का ये वीडियो इंटरनेट मीडिया में चर्चा में है।

सचेंडी कस्बे की एक छोटी सी गली से निकली बिटिया और उसके माता पिता कहानी आज पूरे कानपुर में चर्चा का विषय बनी है। सचेंडी कस्बे के राजू कुशवाहा ‘राजू डीजे’ के नाम से मशहूर हैं। गांव-गांव जाकर साइकिल से लेकर पिकअप में साउंउ सिस्टम रखकर बजाना ही उनकी रोजी-रोटी का जरिया है। खुद आठवीं पास राजू और उनकी पत्नी मंजू कुशवाहा, चार बच्चों के माता-पिता हैं। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। तंगहाली के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों को वर्दी पहनाने का सपना सच कर दिखाया।

बच्चों की पढ़ाई से समझौता नहीं

राजू पिछले 14 साल से डीजे बजा रहे हैं। बारात, मेले, जगराते—जहां बुलावा आया, पहुंच गए। कमाई इतनी ही कि मुश्किल से घर चल पाए,कई बार बच्चों की किताबें-कापियां भी मुश्किल से सकीं । लेकिन उन्होंने कभी बच्चों की पढ़ाई पर समझौता नहीं किया।

दो फौज के लिए तो दो पुलिस की तैयारी में

बड़ी बेटी लक्ष्मी दिल्ली पुलिस की तैयारी कर रही है। तीसरे नंबर की बेटी ज्योति भी दिल्ली पुलिस का सपना संजोए है। बेटा दीपक भी फौज की तैयारी में जुटा है। मगर सबसे आगे निकली दूसरे नंबर की बेटी वंदना कुशवाहा।

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सचेंडी गांव की पहली महिला फौजी बनी वंदना

वंदना ने इंटर के बाद सचेंडी में ही पुलिस भर्ती की तैयारी शुरू की। बाद में बर्रा जाकर कोचिंग भी ली। रास्ता आसान नहीं था। 2023 में उसने दिल्ली पुलिस, यूपी पुलिस और यूपी पुलिस कंप्यूटर आपरेटर की लिखित परीक्षा पास कर ली। दिल्ली पुलिस में शारीरिक परीक्षा से बाहर हो गई। यूपी पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा भी निकाली, कोच शिवम कुशवाहा के पास फिजिकल की तैयारी की, फिजिकल पास भी किया, लेकिन फाइनल मेरिट में नाम नहीं आया। कई बार गिरकर भी वंदना ने हार नहीं मानी। फिर एसएससी जीडी की परीक्षा दी और इस बार किस्मत ने भी सलाम किया। बीएसएफ में उसका फाइनल सिलेक्शन हो गया। 8 मार्च को वह ट्रेनिंग के लिए पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी रवाना हो गई। इसके साथ ही वंदना सचेंडी गांव की पहली महिला फौजी बन गई।

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वो प्रचलित वीडियो जिसने सबको रुला दिया

डीजे उठाने-रखने में राजू ने कपड़ों पर कभी ध्यान ही नहीं दिया। 8 मार्च की सुबह जब राजू बेटी वंदना को स्टेशन छोड़ने गए तो उनके कपड़े फटे हुए थे। किसी ने उस पल का वीडियो बना लिया। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर आया तो लाखों आंखें नम हो गईं। एक पिता जो खुद फटे कपड़ों में था, लेकिन बेटी को वर्दी पहनाने का सपना पूरा किया।

बेटी के सामने जमीन पर बैठा पिता सपनों को जी रहा था

प्लेटफार्म के पत्थर पर बैठी बेटी के गले में माला और जमीन पर बैठे पिता, इस दृश्य को किसी ने वीडियो में कैद कर लिया। वीडियो में दिख रहा है कि पिता की आंखों में आंसू है और वह बेटी की तरफ नहीं देख रहे। वहीं, बेटी के आंखों में आंसू है और लगातार पिता के चेहरे को देख रही है। ये पल वाकई आंखों में आंसू लाने वाले थे। वहीं, बेटी के पास बैठी मां लगातार रो रही और अपनी आंखों से आंसू पोछती नजर आ रही। 

'असली हीरो-पिता'

लोग लिख रहे हैं—‘असली हीरो तो ये हैं’। इसके अलावा सैकड़ों लोग पिता की मेहनत और बेटी की लगन को सलाम कर रहे है।सिर्फ इंटरनेट मीडिया पर ही नहीं बल्कि घर पहुंचकर भी बधाई दे रहे हैं।लोग दंपती के हौसले को सलाम कर रहे है।

गांव का गर्व, देश की मिसाल

आज सचेंडी में हर जुबान पर वंदना का नाम है। जो लोग कभी कहते थे ‘लड़की है, क्या करेगी’, आज वही उसकी मिसाल दे रहे हैं। राजू कहते हैं, ‘डीजे बजाकर पेट पालता हूं, पर मेरी बेटी अब देश की रक्षा करेगी। इससे बड़ी कमाई क्या होगी?’ वंदना की कहानी बताती है कि सपने संसाधन नहीं, हौसला मांगते हैं। फटे कपड़ों वाला पिता और आठवीं पास मां—जब ठान लें तो बेटी फौज की वर्दी पहन ही लेती है। आज राजू डीजे की दुकान पर भीड़ ज्यादा है। लोग बधाई देने आते हैं। डीजे के बेस में अब गर्व की गूंज भी शामिल हो गई है।

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