कानपुर, जेएनएन। राजस्व वसूली में केस्को भले ही प्रदेश में पहले स्थान पर आ गया हो, लेकिन बिना फाल्ट के बिजली आपूर्ति देने में नाकाम साबित हो रहा है। उमस भरी गर्मी में जगह-जगह होने वाले फाल्ट से उपभोक्ता परेशान हैं। केस्को के पास उपभोक्ताओं की शिकायतों का अंबार लगा है।

केस्को ने यूपीपीसीएल को सबसे अधिक राजस्व दिया है। राजस्व वसूली के बाद केस्को का थ्रू रेट 14.7 फीसद बढ़ गया है। केस्को का वर्ष 2020-21 का थ्रू रेट 7.41 रुपये प्रति यूनिट आया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में केस्को का थ्रू रेट 6.46 रुपये पर यूनिट था। इसमें 95 पैसे की वृद्धि हुई है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण का थ्रू रेट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 4.71 रुपये से बढ़कर 5.32 रुपये प्रति यूनिट हो गया है। इसमें 31 पैसे की वृद्धि हुई है। बाकी सभी विद्युत वितरण कंपनियों के थ्रू रेट में पिछले वर्ष के थ्रू रेट से नौ पैसे की वृद्धि हुई है।

केस्को ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में 2310.14 करोड़ रुपये राजस्व वसूली की थी। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल राजस्व प्राप्ति 2507.57 करोड़ रुपये हुई। यूपीपीसीएल बिजली कंपनियों से बिजली खरीद कर केस्को सहित मध्यांचल, पूर्वांचल व दक्षिणांचल को देता है। उपभोक्ताओं को बिजली देकर उनसे होने वाली आय का राजस्व यूपीपीसीएल के पास जाता है। केस्को ने 7.41 रुपये प्रति यूनिट के अनुसार राजस्व की वसूली की है।

ये होता है थ्रू रेट

किसी वितरण कंपनी को लाभ हो रहा है अथवा हानि इसकी जानकारी थ्रू रेट से मिलती है। केस्को को मिली बिजली को उपभोक्ताओं को देने के बाद बिल के माध्यम से राजस्व वसूला गया। जो राजस्व मिला उसमें प्रति यूनिट थ्रू रेट निकाला गया। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष केस्को को अधिक राजस्व मिला। इसकी वजह से केस्को को लाभ हुआ और थ्रू रेट बढ़ा।

  • केस्को सभी डिस्काम में सबसे अधिक थ्रू रेट देने वाला डिस्काम बन गया है। शहर में औद्योगिक व वाणिज्य बिजली की खपत व वसूली के साथ राजस्व वसूली के लिए किए गए प्रयासों का लाभ मिला है। -चंद्रशेखर अंबेडकर, केस्को मीडिया प्रभारी

Edited By: Abhishek Agnihotri