सरकार के फैसले से पूर्व निदेशक डॉ. कृष्णमोहन त्रिपाठी नाराज, बोले-हिंदी से दूर हो जाएंगे बच्चे
माध्यमिक शिक्षा के पूर्व निदेशक ने परिषदीय विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करना अनुचित बताया और उपमुख्यमंत्री के समक्ष मुद्दा उठाने को कहा।
कानपुर, जेएनएन। परिषदीय विद्यालयों में अगले सत्र से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को लागू करने काे लेकर सरकर के फैसले से पूर्व निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. कृष्णमोहन त्रिपाठी नाराज हैं। उनका मानना है कि इससे बच्चे हिंदी से दूर हो जाएंगे, इस विषय पर वह जल्द ही उपमुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे।
ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू होने के बाद जो परिषदीय विद्यालयों के बच्चे हैं ,उनकी हिंदी से दूरी हो जाएगी, जो कहीं से भी उचित नहीं है। हिंदी हमारी मातृभाषा है, इसका बेहतर ज्ञान तो होना चाहिए। वह तब होगा, जब बच्चों को प्राथमिक स्तर से ही पढ़ाया जाएगा। अगर वह हिंदी के बजाए अन्य भाषाओं में अपने पाठ्यक्रम को पढ़ेंगे तो हिंदी को भूल जाएंगे। इस मामले पर उपमुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
पूर्व निदेशक ने कहा, परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को तो जिलों का इतिहास पढ़ाया जाना चाहिए। मौजूदा समय में जो पाठ्यक्रम उन्हें पढ़ाया जा रहा है, उसे बेहतर बताया। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संबंधी कदम उठाए जाने चाहिए, नाकि पूरा पाठ्यक्रम ही बदलकर रख दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि परिषदीय विद्यालयों में जो बच्चे पढ़ते हैं, उन्हें अभिभावकों से पढ़ाई को लेकर वैसा साथ नहीं मिल पाता जिससे उनकी बुनियाद मजबूत हो सके। एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू होगा तो उन्हें अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। जबकि अभी वह सरल भाषा में अपनी पढ़ाई कर लेते हैं।
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