उन्नाव, जागरण संवाददाता। खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ओएसडी बताकर भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी से डेढ़ करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार हसनैन बकाई को कस्टडी रिमांड पर लेकर दिल्ली पुलिस गुरुवार सुबह उसके घर सफीपुर पहुंची।

हसनैन उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज के अल्पसंख्यक मामलों का प्रतिनिधि रह चुका है। इसी मामले में शामिल उसके भाई हस्सान बकाई व करीबी इम्तियाज हैदर से दिल्ली पुलिस को पूछताछ करनी थी। दोनों के न मिलने पर पीरजादगान मोहल्ला स्थित हसनैन के घर के बाहर नोटिस चस्पा कर पुलिस उसे लेकर दिल्ली लौट गई।

एसपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि सुबह दिल्ली सेंट्रल जिला के आइपी स्टेट थाना के विवेचक दारोगा मनोज कुमार हसनैन बकाई को लेकर सफीपुर कोतवाली पहुंचे। विवेचक ने बताया कि 14 सितंबर 2022 को सुबह तड़के लगभग तीन बजे जमाल सिद्दीकी के सचिव शशांक सिंह के मोबाइल फोन पर काल आई।

फोन करने वाले ने खुद को यूपी के मुख्यमंत्री का ओएसडी बताया। जमाल सिद्दीकी ने जब उसी नंबर पर काल की तो फोन उठाने वाले ने कहा कि उसका 1.5 करोड़ रुपये बेंगलूरु में फंसा है, उसे निकलवा कर दो, नहीं तो अध्यक्ष पद से हटा दिया जाएगा। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। जमाल सिद्दीकी ने फोन करने वाले को अपने कार्यालय दीन दयाल उपाध्याय मार्ग नई दिल्ली बुलाया।

कार्यालय में पहले से मौजूद दिल्ली पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले को पकड़ा तो उसने अपना नाम मौलाना हसनैन बकाई निवासी सफीपुर जिला उन्नाव बताया। मौके से उसका एक साथी भी पकड़ा गया था। दिल्ली सेंट्रल जिला के आइपी स्टेट थाना पुलिस ने हसनैन बकाई समेत अन्य पर अपराध संख्या 330/22 के तहत धोखाधड़ी, रंगदारी, जान से मारने की धमकी व साजिश रचने की धारा में मुकदमा दर्ज किया था।

एसपी ने बताया कि दिल्ली से आए दारोगा के साथ सफीपुर पुलिस को हसनैन के घर भेजा गया। लगभग एक घंटे वहां रुकने व किसी के न मिलने पर विवेचक घर के बाहर विवेचना में मदद करने संबंधी नोटिस चस्पा कर हसनैन को अपने साथ लेकर लौट गए।

क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक, 22 जून 2022 को हसनैन का पिस्टल लहराते फोटो इंटनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इसी के बाद सांसद ने उसे प्रतिनिधि पद से हटा दिया था। सफीपुर क्षेत्र में भी रसूख के दम पर उसने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। कई लोगों पर मुकदमा भी दर्ज करा चुका है।

इस संबंध में सांसद साक्षी महाराज ने बताया कि लगभग चार माह पहले विवादों में नाम आने के तत्काल बाद ही उसे प्रतिनिधि पद से हटा दिया था, तब से कोई संपर्क नहीं है। गलत काम करने वाला कोई भी हो, उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

Edited By: Abhishek Agnihotri

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