रक्षामंत्री ने DMSRDE में पहाड़ों पर गोले दागने वाले टैंकों का लिया जायजा, बोले- मिशन 2047 की करें तैयारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को डीएमएसआरडीई पहुंचे और वहां पहाड़ी क्षेत्रों में गोला दागने वाले टैंकों व अन्य अत्याधुनिक उपकरणों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के "विकसित भारत 2047" लक्ष्य के लिए उद्यमियों के साथ मिलकर अनुसंधान और निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

जागरण संवाददाता, कानपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को डीएमएसआरडीई (डिफेंस मैटेरियल्स एंड स्टोर्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट) पहुंचे। वहां उन्होंने ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में गोले दागने वाले टैंकों को देखा और टैंक की गोला दागने की क्षमता व अन्य अत्याधुनिक उपकरणों की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए उद्यमियों के साथ मिलकर अनुसंधान और निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा दें। शाम सवा पांच बजे पहुंचे रक्षामंत्री ने गेट के पास लगी पूर्व राष्ट्रपति व मिसाइलमैन डा. एपीजे अब्दुल कलाम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
शाम छह बजे के बाद संस्थान के अधिकारियों के साथ प्रगति समीक्षा बैठक की। उन्होंने डीएमएसआरडीई के एंटीमाइन बूट, हाई एल्टीट्यूड टैंक और बुलेटप्रूफ जैकेट को देखा। अधिकारियों ने संस्थान के अन्य उत्पादों और अनुसंधान कार्यों के बारे में उन्हें बताया।
इससे पहले चकेरी एयरपोर्ट पर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर विभिन्न समस्याएं बताईं और कर्मचारियों के हित में फैसले किए जाने की मांग की।

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