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CSJMU Kanpur में कई पाठ्यक्रमों की फीस बढ़ी, बीटेक की 10 हजार तो बीबीए की 15 हजार रुपये की वृद्धि

Published: Wed, 28 Oct 2026 05:48 AM (IST)

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) कानपुर में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से बीटेक, बीबीए, बीकॉम ऑनर्स और बीडेस की वार्षिक ...और पढ़ें

विद्या परिषद की बैठक में शैक्षणिक प्रस्तावों पर चर्चा करते कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक और उपस्थित सदस्य। सीएसजेएमयू

विद्या परिषद की बैठक में शैक्षणिक प्रस्तावों पर चर्चा करते कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक और उपस्थित सदस्य। सीएसजेएमयू

HighLights

  1. बीकाम आनर्स और बीडेस की वार्षिक फीस में भी 10-10 हजार रुपये की वृद्धि को मंजूरी

  2. बीबीए में 15 हजार रुपए की बढ़ोत्तरी, 29 अक्टूबर को वित्त समिति में रखा जाएगा प्रस्ताव

  3. विद्या परिषद की बैठक में ज्योतिष-वास्तु के चार वर्षीय पाठ्यक्रम और पीएचडी में ‘एआइ इन रिसर्च’ को भी स्वीकृति

जागरण संवाददाता, कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में नए शैक्षणिक सत्र 2027-28 से बीटेक, बीबीए, बीकाम आनर्स और बैचलर आफ डिजाइन (बीडेस) की पढ़ाई महंगी होगी। विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने इन चारों पाठ्यक्रमों की वार्षिक फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

बीटेक की फीस 85 हजार से बढ़ाकर 95 हजार रुपये, बीबीए की 60 हजार से 75 हजार रुपये, बीकाम आनर्स की 55 हजार से 65 हजार रुपये और बीडेस की 50 हजार से 60 हजार रुपये कर दी गई है। मंगलवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में सेंटर फार एकेडमिक्स में हुई विद्या परिषद की बैठक में फीस संशोधन के साथ कई शैक्षणिक प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई।

ज्योतिष-वास्तु में शुरू होंगे चार वर्षीय पाठ्यक्रम

विद्या परिषद की बैठक में विश्वविद्यालय के दीनदयाल शोध केंद्र के अंतर्गत सत्र 2027-28 से बैचलर आफ आर्ट्स (शास्त्री) ज्योतिषशास्त्र और वास्तुशास्त्र के चार वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी दी गई। दोनों पाठ्यक्रमों में 30-30 सीटें होंगी और शुल्क 26,200 रुपये निर्धारित किया गया है। गीता ज्ञान संस्थान, कुरुक्षेत्र के सहयोग से श्रीमद्भगवद्गीता में एक वर्षीय डिप्लोमा और एक सेमेस्टर का गीता सार प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव भी बैठक में शामिल रहा।

योग के दो कौशल प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों को मंजूरी

बैठक में शारीरिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत ‘योगा फार डायबिटीज प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट’ और ‘योगा फार कारपोरेट सेक्टर’ नाम से दो कौशल प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। दोनों की अवधि तीन-तीन महीने और शुल्क पांच-पांच हजार रुपये होगा। वहीं स्कूल आफ बेसिक साइंसेज के बीएससी-एमएससी इंटीग्रेटेड कार्यक्रम में सांख्यिकी और पर्यावरण विज्ञान को अतिरिक्त विषय विकल्प के रूप में शामिल करने की मंजूरी दी गई। कार्यक्रम की सीटें भी 150 से बढ़ाकर 180 की जाएंगी।


पीएचडी कोर्स वर्क में जुड़ेगा एआई

नए सत्र से पीएचडी कोर्स वर्क में एक क्रेडिट का ‘एआइ इन रिसर्च’ पाठ्यक्रम शामिल होगा। उद्योग-अकादमिक सहयोग के तहत उद्योगों में कार्यरत पेशेवरों की पार्ट-टाइम पीएचडी, कोर्स वर्क और अंकतालिका में आवश्यक प्रविष्टियों से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, प्रो. वृष्टि मित्रा, प्रो. शशि किरण मिश्रा, प्रो. नमिता तिवारी, प्रो. नीरज कुमार सिंह, डा. मोहित कुमार, कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा और परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


इन विषयों की फीस में की गई बढ़ोतरी

विषय का नाम मौजूदा फीस फीस में बढ़ोतरी नई कुल फीस
बीटेक (B.Tech) ₹85,000 ₹10,000 ₹1,00,200
बीडेस (B.Des) ₹50,000 ₹10,000 ₹65,200
बीबीए (BBA) ₹60,000 ₹15,000 ₹80,200
बीकॉम ऑनर्स (B.Com Hons.) ₹55,000 ₹10,000 ₹70,200
नोट: कुल फीस में परीक्षा शुल्क, इनरोलमेंट शुल्क और अन्य शुल्क जोड़कर नई कुल फीस दर्शाई गई है।