Kanpur News: नवंबर में मिलेगा शहर को लार्ड्स जैसा नया क्रिकेट स्टेडियम
कानपुर के सीएसजेएमयू में एक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण हो रहा है जहां विभिन्न प्रकार की मिट्टी से पिचें तैयार की जा रही हैं। इनमें लाल और काली मिट्टी की पिचें शामिल हैं जिससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी करने का अवसर मिलेगा। स्टेडियम में आधुनिक सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी जिससे यह खेल विज्ञान और शिक्षा का संगम बनेगा।

जागरण संवाददाता, कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में अब देश में तैयार होने वाली सभी तरह की मिट्टियों की पिच पर खिलाड़ी अपने खेल को निखार सकेंगे। यहां काली मिट्टी की चार, लाल मिट्टी की एक और लाल-काली मिक्स मिट्टी की दो पिचें तैयार की जा रही हैं। बीसीसीआइ के मुख्य क्यूरेटर डा. आशीष के भौमिक की देखरेख में इन्हें तैयार किया जा रहा है।
स्टेडियम की आउटफील्ड इंग्लैंड के लार्ड्स और आस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम की तर्ज पर बरमूडा घास से तैयार की जा रही है। वहीं, पर्थ स्टेडियम की तरह पर सबसे उन्नत सब सरफेस ड्रेनज सिस्टम लगाया जा रहा है, जिससे बारिश रुकने पर आधे घंट के भीतर स्टेडियम मैच के लिए तैयार हो जाएगा। नवंबर तक सीएसजेएमयू का स्टेडियम के तैयार होने की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन क्रिकेट स्टेडियम में घास लगाने का काम अगले महीने तक पूरा हो जाएगा। वहीं, अगले तीन से चार महीने के दौरान स्टेडियम निर्माण का मुख्य काम पूरा करने का लक्ष्य है। नवंबर या दिसंबर में इसका उद्धाटन कराया जा सके। स्टेडियम में दो पवेलियन के साथ दिन-रात के मैचों के लिए एलईडी फ्लड लाइट और बीसीसीआइ के प्रसारण मानदंडों को पूरा करने वाला 360 डिग्री लाइव प्रसारण का बुनियादी ढांचा भी तैयार किया जा रहा है। बीसीसीआइ के मुख्य क्यूरेटर डा. आशीष के भौमिक ने बताया कि यहां देश की सभी तरह की मिट्टियों की पिच तैयार की जा रही है। इससे खिलाड़ी घरेलू मैदान में ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर सकेंगे।
क्रिकेट स्टेडियम एक झलक में
- कुल 7 विकेट: 5 मैच विकेट, 2 अभ्यास विकेट
- केंद्रीय विकेट: महाराष्ट की लाल मिट्टी से तैयार
- बाएं और दाएं की ओर एक-एक विकेट : ओडिशा के कालाहांडी की काली कपास मिट्टी और के उन्नाव से स्थानीय काली मिट्टी से तैयर
- प्रैक्टिस विकेट : काली व लाल मिक्स मिट्टी से तैयार
यह एक स्टेडियम से कहीं अधिक खेल, विज्ञान और शिक्षा का संगम है। हमारा क्रिकेट ग्राउंड न केवल प्रतिस्पर्धी उत्कृष्टता के लिए एक सुविधा है, बल्कि नवाचार, अनुसंधान और भविष्य के एथलीट विकास के लिए एक प्रयोगशाला भी है। हमारा लक्ष्य इस बुनियादी ढांचे के साथ अंतर-विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय और बीसीसीआइ के मैचों की मेजबानी करना है। जल निकासी, स्मार्ट सिंचाई, सदाबहार घास और बहु-मिट्टी विकेट प्रोफाइल का एकीकरण सीएसजेएमयू को विश्वविद्यालय स्तर के क्रिकेट बुनियादी ढांचे में अग्रणी बनाएगा।
- प्रो. विनय कुमार पाठक , कुलपति सीएसजेएमयू
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