कानपुर, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी कतई गंभीर नहीं हैं। संक्रमित लोगों के इलाज के बजाए उन्हें डिस्चार्ज करने की हड़बड़ी है। इसी फेर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सरसौल के कोविड हॉस्पिटल में बड़ी लापरवाही हो गई। मछरिया मदरसे के एक कोरोना पॉजिटिव छात्र की रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर ही उसे सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया। जब रास्ते में किशोर की तबीयत खराब होने पर मंगलवार सुबह आनन-फानन दोबारा सीएचसी में भर्ती कराया। लापरवाही छिपाने के लिए सीएमओ जांच कराने की दुहाई दे रहे हैं।

मछरिया के शेख हिदायतुल्ला मदरसे के कोरोना संक्रमित सात छात्रों को 14 अप्रैल को सीएचसी सरसौल में भर्ती कराया गया था। वहां औरैया, इटावा और कन्नौज के संक्रमित मरीज मिलाकर 21 लोग भर्ती थे। उनमें से 20 मरीजों की दूसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। तीसरी जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट का इंतजार नहीं किया गया। सीएमओ की मौजूदगी में सोमवार (27 अप्रैल) को सभी को छुट्टी दी गई। उन्हें एंबुलेंस से भेजा गया। कुछ देर बाद ही एक मदरसा छात्र की तबीयत खराब हो गई। छात्र कोरोना संक्रमित था, फिर भी उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। जानकारी पर मंगलवार सुबह उसे एंबुलेंस से ले जा कर दोबारा भर्ती किया गया।

लखनऊ की रिपोर्ट पर नहीं दिया ध्यान

मदरसे के कुछ छात्रों के नमूने जांच के लिए लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी जांच के लिए भेजे गए थे। उसमें छात्र की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उस रिपोर्ट में ध्यान दिए बगैर ही छात्र को सीएचसी से डिस्चार्ज कर दिया गया। अब गलती छिपाने के लिए अधिकारी तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं।

इनकी भी सुनिए

  • मछरिया पहुंचने पर छात्र की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। सीएमओ ने टीम भेजकर छात्र को कमरे में आइसोलेट करा दिया था। सुबह दोबारा भर्ती कर लिया है। -डॉ. सीएल वर्मा, सीएचसी अधीक्षक, सरसौल
  • सभी के नाम मिलाकर ही डिस्चार्ज किया गया था। चूक हो गई है। उसे सुधारते हुए दूसरे दिन सुबह छात्र को सीएचसी में भर्ती करा लिया है। चूक कैसे हुई, इसकी जांच कराएंगे। -डॉ. अशोक शुक्ला, सीएमओ

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