कानपुर, जेएनएन। सुबह शाम की ठंड और दोपहर में कड़क धूप, मौसम की यह उठापटक सेहत पर भारी पड़ रही है। तेजी से ऊपर-नीचे होते तापमान में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं, जो सर्दी-जुकाम, खांसी-बुखार से लेकर बैक्टीरिया एवं वायरस इंफेक्शन (संक्रमण) की वजह बनते हैं। हालांकि इससे घबराने की जरूरत नहीं है, हर बार मौसम बदलने में ऐसा होता है। इससे बचने के उपाय आपके ही रसोईघर में उपलब्ध हैं। उन घरेलू नुस्खों को अपनाकर डॉक्टर के पास जाने से बच सकते हैं। इससे खांसी-जुकाम जैसी बीमारियों को मात देने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं।

काली मिर्च

सुबह गर्म पानी के साथ काली मिर्च का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ये शरीर को बाहरी संक्रमण से बचाती है। खांसी के साथ बलगम आने पर देशी घी के साथ इसका आधा चम्मच पाउडर का सेवन लाभकारी है।

अदरक-नमक

अदरक गले के लिए उम्दा औषधि है। इसके एंटीऑक्सीडेंट तत्व गले तथा श्वास नली को साफ कर बलगम (कफ) बाहर निकालते हैं। अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े करके नमक मिलाकर खाएं। अदरक के रस से खांसी-बलगम से आराम मिलेगा, नमक से बैक्टीरिया खत्म हो जाएंगे।

अदरक-तुलसी

तुलसी के पत्ते, अदरक और काली मिर्च से चाय पीने से खांसी-जुकाम में तुरंत आराम मिलता है। तुलसी-अदरक के रस में शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन से खांसी ठीक हो जाती है। रोगों से लडऩे की क्षमता विकसित होती है।

शहद-नींबू व इलायची

खांसी-जुकाम से निजात के लिए शहद, नींबू और चुटकी भर इलायची पाउडर मिलाकर सिरप तैयार कर लें। उसका एक-एक चम्मच तीन में चार बार सेवन करने से आराम मिलता है।

जायफल व सोंठ

जायफल और सोंठ (सूखी अदरक) को गाय के घी में घिसकर बच्चों को पिलाने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है। अत्यधिक खांसी आने पर जायफल को पीस शहद मिलाकर सेवन करने से आराम मिलता है।

आंवला यानी अमृत फल

आंवला के एंटी ऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक (इम्यूनिटी) क्षमता बढ़ाते हैं। विटामिन-सी शरीर का रक्त संचार बेहतर करता है। सर्दी-खांसी, गले में खरास व बुखार होने पर आंवले के रस का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए, इसके एंटी बैक्टीरियल एवं एंटी वायरल गुण से आराम मिलता है।

हल्दी वाला दूध

हल्दी एंटी बैक्टीरियल एवं एंटी वायरल गुणों से भरपूर होती है। इसके एंटी ऑक्सीडेंट्स तत्व बैक्टीरिया से बचाव करते हैं। हल्दी वाले दूध को पीने से सर्दी-जुकाम में तेजी से आराम मिलता है। हल्दी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।

गिलोय

गिलोय का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह संक्रामक रोगों के अलावा बुखार, सर्दी-जुकाम ठीक करने के साथ ही खून भी शुद्ध करती है। इसके डंठल के टुकड़े करके उसका काढ़ा बनाकर पीना चाहिए।

जानिए, चिकित्सकों की राय

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आपकी रसोई में ही तमाम खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं। इनका सेवन करके हम स्वस्थ रह सकते हैं। -डॉ. निरंकार गोयल, पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
  • हल्दी, गिलोय, तुलसी, शहद आदि में औषधीय गुण होते हैं। इनके सेवन से रोगों से लडऩे की क्षमता विकसित होती है। -डॉ. अर्पिता सी राज, चिकित्साधिकारी, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय
  • थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी-पीना चाहिए। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। गाजर, टमाटर, हरी मिर्च, शिमला मिर्च आदि का सेवन करना चाहिए। हल्दी मिश्रित दूध पीना चाहिए। यदि हल्दी वाला दूध नहीं पी सकते हैं तो बाजार में हल्दी वाला कैप्सूल भी आता है। मूंगफली, कोकोनट व पिस्ता पाउडर मिश्रित करके सेवन करना चाहिए। -डॉ.शिप्रा माथुर, सीनियर न्यूट्रीशियनिस्ट

Posted By: Abhishek

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