कानपुर, जागरण संवाददाता। नगर निगम सदन में कई गुना गृहकर लगाए जाने और नामांतरण में खेल होने का मुद्दा छाया रहा। सभी दलों के पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि चुनाव करीब है। भौगोलिक सूचना प्रणाली के तहत गृहकर को लेकर कंपनी गलत टैक्स लगा रही है। आवासीय की जगह व्यावसायिक टैक्स लगाया जा रहा है। कई गुना गृहकर के बिल भेज दिए गए है। इसको लेकर जनता उनको घेर रही है। नोटिस पर रोक लगायी जाए और सर्वे रोका जाए। केवल छूटे मकानों को टैक्स दायरे में लाया जाए यह मंशा भी सरकार की है। पार्षद टैक्स बढ़ा होने पर कई घरों की चाबी लेकर सदन पहुंच गए।

भाजपा पार्षद दल के उपनेता सत्येद्र मिश्र ने कहा कि पहले भी हुए जीआइएस सर्वे को लेकर जनता परेशान घूम रही है। कई लोगों के टैक्स आज भी गलत है। एक बार फिर आइटीआइ कंपनी ने सर्वे के नाम पर जनता पर कई गुना टैक्स लगा दिया है। आवासीय की जगह व्यावसायिक लगा दिया है।

34 वार्डों में सर्वे करके नोटिस भेजा जा रहा है। जबकि नियम यह है कि जोनल प्रभारियों को हर वार्ड में 20 फीसद नोटिसों की जांच करनी चाहिए। ऐसा किया गया है तो सदन को दिखाया जाए। हर जोन में कमेटी बनाकर शिविर लगाकर एक-एक नोटिस की जांच की जाए।

पार्षद नवीन पंडित ने कहा कि जनता उनको घेर रही है। टैक्स दस-दस गुना तक लगा दिया है। क्षेत्र के मकान मालिकों ने चाबी दी है कि नगर निगम को सौंप दो, वह टैक्स नहीं दे पाएगे। कांग्रेस पार्षद सुहैल अहमद ने सदन में कहा की हाउस टैक्स सर्वे पूरी तरह से गलत किया गया है। इस सर्वे को रद किया जाना चाहिए। जो टैक्स दे रहा है उस से ही वसूला जा रहा है पहले जो टैक्स नहीं दे रहा है उस पर कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस पार्षद दल के नेता कमल शुक्ल बेबी ने कहा कि गृहकर को लेकर जनता उनको घेर रही है। इसके अलावा जो नामांतरण नहीं करा रहे है उन पर कार्रवाई की जाए। नगर निगम को करोड़ों रुपये की आय होगी। नगर आयुक्त ने कहा कि नामांतरण कराया जा रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में नौ करोड़ आय हुई थी जो अभी तक हो चुकी है। यहीं बात सपा पार्षद दल के नेता अभिषेक गुप्ता ने कहीं।

भाजपा पार्षद धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि जनता पर बढ़ा लगा टैक्स वापस लिया जाए फिलहाल चुनाव करीब है इसको देखते हुए टैक्स वापस लिया जाए। मनोज पांडेय ने कहा कि जनता पर गलत टैक्स लगाया गया तो वह लोगों के साथ अंदोलन करेगे। नमिता मिश्रा ने रामकृष्णनगर में एक मकान पर कोर्ट में मामला होने के बाद भी नामांतरण करने का मामला उठाया। पार्षद ने कहा कि अफसर गलत तरीके से नामांतरण कर रहे है।

विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि उनके आवास का भी गलत गृहकर का नोटिस भेज दिया है। जितना मकान बना है उससे ज्यादा का बिल भेज दिया है। वह तो कह कर सही करा लेगे लेकिन आम जनता परेशान होगी। अफसरों व कर्मचारियों के चक्कर लगाएगी। इसकी जांच करायी जाए।

महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि जनता पर अतिरिक्त टैक्स नहीं लगने दिया जाएगा। नगर आयुक्त को आदेश दिए कि इसकी जांच करायी जाए। नगर आयुक्त ने बताया कि अगले हफ्ते से हर जोन में गलत टैक्स लगाया गया है इसको लेकर शिविर लगाया जाएगा जिसमें जनता अफसरों व कर्मचारियों से मिलकर अपनी बात रख सकती है। अगर नोटिस में आवासीय को व्यावसायिक और एक मंजिल के मकान को दो मंजिल दिखाया गया है तो कंपनी पर कार्रवाई होगी और वह शासन को शिकायत करेंगे।

साफ्टवेयर भी ला रहे : नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जीएन ने बताया कि साफ्टवेयर भी ला रहे है। इसमें अपने मकान का गृहकर के साथ वार्षिक किराया मूल्याकंन भी देख सकते है। इसमें पारदर्शिता रहेगी। खुद जनता अपने घर का टैक्स तय कर सकती है।

Edited By: Abhishek Agnihotri

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