कानपुर, जागरण संवाददाता। प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम ने शहर के प्रमुख स्थानों पर वर्टिकल गार्डन बनाए थे जहां तरह-तरह के पौधे लगाए गए थे ताकि शहरवासियों को धूल से निजात मिलने के साथ खूबसूरती का अहसास भी हो सके परन्तु देखभाल के अभाव में वर्टिकल गार्डन खुद ही आक्सीजन मांग रहे हैं। 

शहर के सबसे व्यस्त लाल इमली चौराहा पर रोज डेढ़ लाख से ज्यादा वाहनों का आवागमन रहता है। वाहनों से निकलने वाले धुएं और टायरों से उड़ने वाली धूल को सोखने के लिए लाल इमली की बाउंड्रीवाल को सेल्फी प्लावंट के साथ ही वर्टिकल गार्डन बनाया है। नगर निगम ने तीन लाख रुपये से बाउंड्रीवाल को सजाने के साथ ही लोहे की दीवार बनाकर साढ़े सात सौ गमले लगाए है। डेढ़ साल भी पूरे नहीं हो पाए है सेल्फी प्वाइंट में अंग्रेजी में लिखे कानपुर का पी शब्द गायब हो गया है। इसके अलावा वर्टिकल गार्डन में लगे बीस फीसद पौधे गायब हो गए है और 80 फीसद पौधे पानी नहीं मिलने के कारण सूख गए है। इसके अलावा गार्डन के अंदर रोक के बाद भी प्रतिबंधित पालीथीन और गंदगी फैली पड़ी है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि पौधों में कई माह से पानी पड़ते हुए नहीं देखा है। इसकी देखरेख न होने के कारण खुबसूरती पर दाग नजर आ रहा है।

वर्टिकल गार्डन का हाल 

स्थान- लाल इमली चौराहा पर 

पौधे लगाए - साढ़े सात सौ पौधे लगाए गए 

कब बना - डेढ़ साल पहले 

लागत - तीन लाख रुपये 

बनाया - नगर निगम 

पौधों की लगी प्रजातियां- बोगनवेलिया, ग्रास प्लांट, कैक्टस फर्न,स्पाइडर प्लांट, एरिथीमा

वर्टिकल गार्डन बनाने का उद्देश्य : वर्टिकल गार्डन से  प्रदूषण पर नियंत्रण करने के साथ ही शहर में सुंदरता भी बढ़ती है। वर्टिकल गार्डन में दीवारों पर या फिर लोहे के पिलरों पर फ्रेम बनाकर प्लास्टिक के गमलों में पौधे लगाए जा सकते है। इससे  पूरा पिलर या दीवार हराभरा नजर आती है। 

पौधे चिपकाते धूल : वर्टिकल गार्डन में लगे पौधे धूल व धुएं को पत्तियों में चिपका लेते है। बाद में पौधों में पानी डाले जाने व पत्ती साफ करने पर धूल पानी के माध्यम से नाली में चली जाती है। 

बोले जिम्मेदार : शहर को खूबसूरत और प्रदूषण रोकने के लिए लगे वर्टिकल गार्डन की देखरेख में लापरवाही बरतने वाले अफसरों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रमिला पांडेय महापौर

Edited By: Abhishek Verma