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    By Election: यूपी की इस विधानसभा सीट पर सपा-कांग्रेस के दावेदारों में छिड़ी जंग, रेस में ये नाम हैं सबसे आगे

    Updated: Sun, 16 Jun 2024 11:36 AM (IST)

    UP Assembly By Election सोलंकी परिवार का गढ़ रही सीसामऊ विधानसभा सीट पर अभी से सपा-कांग्रेस के दावेदारों के बीच द्वंद्व शुरू हो गया है। इरफान को सात साल की सजा को बाद से ही उपचुनाव की संभावनाओं के मद्देनजर दावेदार आकाओं तक दस्तक दे रहे हैं। नेतृत्व को सभी भरोसा दिला रहे हैं कि उनका इस क्षेत्र में प्रभाव है। जोर-आजमाइश बढ़ी है।

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    सीसामऊ सीट के लिए सपा-कांग्रेस के दावेदारों में द्वंद्व

    जागरण संवाददाता, कानपुर। सोलंकी परिवार का गढ़ रही सीसामऊ विधानसभा सीट पर अभी से सपा-कांग्रेस के दावेदारों के बीच द्वंद्व शुरू हो गया है। इरफान को सात साल की सजा को बाद से ही उपचुनाव की संभावनाओं के मद्देनजर दावेदार आकाओं तक दस्तक दे रहे हैं। नेतृत्व को सभी भरोसा दिला रहे हैं कि उनका इस क्षेत्र में प्रभाव है। जोर-आजमाइश बढ़ी है।

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    भाजपा व बसपा के दावेदारों ने भी घेराबंदी शुरू कर दी है। सीसामऊ विधानसभा सीट से 2022 में इरफान सोलंकी चुनाव जीते थे। इससे पहले भी वह लगातार यहीं से विधायकी का चुनाव जीतते आ रहे हैं। हाल ही में जाजमऊ में आगजनी समेत अन्य मामलों में अदालत ने उन्हें सात साल की सजा सुनाई है। इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव तय माने जा रहे हैं। हाईकोर्ट से निर्णय में भले कोई स्थिति बदले, लेकिन दावेदार सक्रिय हो चुके हैं।

    दावेदारों में छिड़ा घमासान

    कांग्रेस के दावेदारों के बीच घमासान शुरू है तो सपाई अपना जोर लगाए हैं। सीसामऊ सीट सपा का गढ़ और सुरक्षित सीट है, जहां हर बार उसका प्रत्याशी जीतता रहा है। ऐसे में जोर-आजमाइश और तगड़ी होने के आसार हैं। आइएनडीआइए के घटक दलों में लोकसभा चुनाव में यह सीट कांग्रेस को मिली थी। कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा। पहली बार कोई कांग्रेस प्रत्याशी 4.22 लाख मत पाया। इससे अब विधानसभा चुनाव को लेकर तानाबाना बुनने की शुरुआत हो गई है।

    सीसामऊ सीट पर उपचुनाव को लेकर सुगबुगाहट से सभी ने प्रयास तेज कर दिए हैं। वैसे, ये सीट सपा की ही मानी जाती है, लेकिन कांग्रेस के लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन से पार्टी के नेता अपने लिए भी जमीन तलाश रहे हैं। कांग्रेस से शहर अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी, अंबरीश सिंह गौर, हर प्रकाश अग्निहोत्री से लेकर और कई नेता कतार में हैं।

    सपा से इरफान सोलंकी का मजबूत दावा

    उधर, सपा में सबसे मजबूत दावा इरफान सोलंकी की पत्नी का है। हाजी मुश्ताक सोलंकी के बाद उनके बेटे इरफान ने परिवार की राजनीतिक विरासत संभाली। सपा शहर अध्यक्ष फजल महमूद, पूर्व विधायक सतीश निगम जैसे और कई दावेदार भी हैं। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी कहते हैं, विधानसभा चुनाव या उपचुनाव के लिए सपा से गठबंधन की स्थिति पर रणनीति तय होगी।

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