चित्रकूट, जेएनएन। Chitrakoot Jail Gangwar जिला जेल में गैंगवार और मुठभेड़ की तह तक पहुंच चुकी जांच टीमें पिस्टल के पेच पर अटकी हुई हैं। यह नहीं पता चल पा रहा है कि मुंगेर निर्मित 9 एमएम इटैलियन पिस्टल जेल तक किसने और कब पहुंचाई। जेल के अंदर की गतिविधियों को लेकर वार्डन पर संदेह है। इसलिए उसकी निगरानी बढ़ा दी गई है। 

ईद के दिन शुक्रवार को जिला जेल में दिल दहलाने वाली वारदात में पश्चिम के अपराधी मुकीम काला और पूर्वांचल के शार्प शूटर मेराज अली की हत्या के बाद हत्यारे अंशु दीक्षित को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। अंशु ने हत्या 9 एमएम की इटैलियन पिस्टल का इस्तेमाल किया था, जो बिहार के मुंगेर की निर्मित बताई गई है। यही पिस्टल जांच टीमों के लिए छह दिन बाद भी पहेली बनी हुई है। सूत्र बताते हैं कि जेल के अंदर हाई सिक्योरिटी बैरक में अंशु के सेल में पिस्टल कैसे पहुंची, ये तो काफी हद तक पता चल चुका है। इसे लाने वाला पहेली बना है।  

डीआइजी जेल का डेरा, कई और पर कार्रवाई तय: जेल की आंतरिक सुरक्षा की चूक में सरकार ने जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी, जेलर महेंद्रपाल समेत पांच लोगों को निलंबित कर दिया है। पिस्टल के कैदियों के सामान के साथ अंदर आने की बात पता चली तो कई और पर कार्रवाई तय है। इसकी जांच के लिए डीआइजी जेल संजीव त्रिपाठी डेरा डाले हैं। बुधवार को भी कई जेल कर्मियों व बंदियों से उन्होंने पूछताछ की है। 

संदिग्ध वार्डन की गतिविधियां कर रहीं  बड़ी साजिश का इशारा: जेल सूत्र बताते हैं, बागपत से तीन साल पहले स्थानांतरित होकर आए वार्डन पर जांच टीमों की विशेष नजर है। घटना और उससे एक दिन पहले उसकी गतिविधियां बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहीं हैं। माना जा रहा है कि हत्याकांड को लेकर उसके तार अंशु से जुड़े हैं। इसलिए उस वार्डन पर पहरा बैठा दिया गया है। उसकी एक-एक गतिविधि की पड़ताल हो रही है। 

यह था मामला: चित्रकूट की हाई सिक्योरिटी वाली जिला जेल में 14 मई 2021 की सुबह गैंगवार में कैराना पलायन के मुख्य आरोपित मुकीम काला और पूर्वांचल के माफिया विधायक मुख्तार के रिश्ते के भांजे और करीबी मेराज अली की शार्प शूटर अंशु दीक्षित ने हत्या कर दी थी। हत्यारे अंशु को भी पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था। मामले में जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी, जेलर महेंद्र पाल समेत पांच को निलंबित किया गया था। 

Edited By: Shaswat Gupta