कानपुर, जेएनएन। सोने और बैठने का गलत तरीका गर्दन एवं कमर दर्द की समस्या बढ़ा रहा है। रही-सही कसर उबड़-खाबड़ एवं गढ्ढा युक्त सड़कें पूरी कर रही हैं। बड़ी संख्या में ऐसी समस्या लेकर मरीज जीएसवीएम मेडिकल कालेज के न्यूरो सर्जरी एवं आर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। वहीं, ब्रेन और स्पाइन इंजरी के 50-60 मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए एलएलआर अस्पताल (हैलट) के इमरजेंसी पहुंच रहे हैं। 

गर्दन और कमर में लगातार दर्द गलत तरीके से लेटने और बैठने की वजह से होता है। अगर रात में ठीक से तकिया न लगाएं और करवट लेकर सोते हैं तो गर्दन एक तरफ झुकी रहती है, जिससे मांसपेशियाें में खिंचाव हो जाता है। कंप्यूटर पर काम करने वालों का बैठने का तरीका गलत है, उनके हाथ लगते रहते हैं और स्क्रीन झुककर देखने से भी गर्दन दर्द होती है। साफ्टवेयर इंजीनियर, आइटी प्रोफेशनल एवं कंप्यूटर आपरेटर को भी गर्दन दर्द की समस्या होती है। इसकी वजह कभी बेड पर लेट कर तो कभी सोफे पर काम करना है। कंप्यूटर व लैपटाप पर काम करने का सही तरीका कम्यूटर स्क्रीन के समानांतर आंखें होनी चाहिए। गर्दन सीधे रहे। वहीं, बारिश के बाद खराब सड़कों पर मोटरसाकिल व साइकिल चलाने से भी कमर दर्द होता है। अगर कुर्सी खराब है या आगे की तरफ झुक कर बैठने की आदत है। कुर्सी का बैक सपोर्ट ठीक से नहीं लेने पर भी कमर दर्द होता है। इसी तरह जमीन पर पड़ी चीज अचानक झुक कर कभी न उठाएं, ऐसा करने से कमर दर्द हो सकता है। अगर कोई चीज जमीने से उठानी पड़े तो पहले बैठ जाएं और फिर उठाएं।  

उठने-बैठने और सोने की आदतों में सुधार कर गर्दन दर्द एवं कमर दर्द की समस्या से निजात पा सकते हैं। अगर लंबे समय तक लैपटाप या कंप्यूटर पर काम करते हैं तो कुछ व्यायाम करके गर्दन व कमर की मांसपेशियों को मजबूत बना सकते हैं। बच्चों की आंखों और किताबों की दूरी 25 सेटी मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर बच्चे झुक कर पढ़ते हैं तो उनकी आंखों की जांच जरूर कराएं। - डा. मनीष सिंह, न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष, जीएसवीएम मेडिकल कालेज।

इसका रखें ध्यान:

- मुलायम तकिया व गद्​दे का प्रयोग न करें। 

- मुलायम बिस्तर पर गर्दन व कमर मुड़ जाती है। 

- काटन की तकिया लगाएं, ताकि गर्दन सीधी रहे।

- करवट लेकर सोते हैं तो तकिया से गर्दन सीधी रखें।

Edited By: Abhishek Agnihotri