कानपुर, जेएनएन। दिल्ली से बनारस के बीच बुलेट ट्रेन का खाका खींचा जा चुका है। बुलेट ट्रेन का रूट कन्नौज से कानपुर के अरौल व मकनपुर होते हुए उन्नाव के बांगरमऊ से होगा। ऐसे में औद्योगिक शहर होने के चलते इस रूट को कानपुर शहर से ले जाने की मांग अक्सर उठती रही है। नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) इसके लिए माह के अंत तक डीपीआर तैयार करेगा।

अभी बिल्हौर को कानपुर से कासगंज लाइन जोड़ती है। लिहाजा बुलेट ट्रेन का एक और स्टेशन यहां बना दिया जाए तो शहर को भी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। उत्तर मध्य रेलवे जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक यह बड़ा प्रोजेक्ट है, जिस पर रेल मंत्रालय सीधे निगाह रख रहा है। ऐसे में पूर्व निर्धारित रूट से छेड़छाड़ संभव नहीं है। चूंकि कानपुर को बुलेट ट्रेन से कनेक्टिविटी की मांग चल रही है, ऐसे में इस पर विचार किया जा रहा है।

इसलिए रूट में नहीं है कानपुर : एनएचएसआरसीएल के अधिकारी अशोक बिजलवान बताते हैं कि बुलेट ट्रेन की स्पीड अधिक होती है। दिल्ली से बनारस के बीच 865 किमी की दूरी यह ट्रेन चार घंटे में पूरी करेगी। ऐसे में इसे ज्यादा कर्व (घुमाव) नहीं दिया जा सकता है। इसे सीधा रखना मजबूरी है। कानपुर शहर लाने के लिए रूट को मोडऩा पड़ेगा जो ट्रेन की स्पीड को देखते हुए ठीक नहीं है।

रूट में 12 स्टेशन हैं प्रस्तावित : दिल्ली से बनारस के बीच में 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर ट्रेन बनारस के मडुआडीह तक जाएगी। इस बीच दिल्ली के साथ नोएडा, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी स्टेशन होंगे।

30 सितंबर तक देंगे डीपीआर : अधिकारी बताते हैं कि इस कार्य की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट 30 सितंबर तक रेल मंत्रालय को देनी है। इस पर काम चल रहा है। इसके साथ ही देश में बनाए जा रहे बुलेट ट्रेन के अन्य रूटों पर 2023 तक डीपीआर रेल मंत्रालय को दी जानी है।

बुलेट ट्रेन के यह रूट भी हैं प्रस्तावित

-760 किमी वाराणसी से हावड़ा

-753 किमी मुंबई से नागपुर

-866 किमी दिल्ली से अहमदाबाद

-435 किमी चेन्नई से मैसूर

-459 किमी दिल्ली से अमृतसर

-711 किमी मुंबई से हैदराबाद

Edited By: Abhishek Agnihotri