नीला ड्रम-सीमेंट और मेरठ की मुस्कान! सोशल मीडिया पर छाया नया 'कीवर्ड'; चर्चा में आए पति-पत्नी और वो के किस्से
नीला ड्रम सीमेंट और मेरठ की मुस्कान यह तीन शब्द इन दिनों सोशल मीडिया पर नए कीवर्ड बन गए हैं। लोग इनका इस्तेमाल पति-पत्नी के झगड़ों और चरित्र हनन के लिए कर रहे हैं। इससे समाज का ताना-बाना प्रभावित हो रहा है और न्यायिक प्रक्रिया पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। हाल में ही आए कई मामलों में लोग पुराने झगड़ों को नया तूल दे रहे हैं।

अजय शुक्ला, लखनऊ। नीला ड्रम, सीमेंट ...और मेरठ की मुस्कान! इंटरनेट मीडिया पर चुहलबाजी, प्रचार पाने की दमित इच्छा, पति-पत्नी और वो के त्रिकोण में विभिन्न कोणों से चरित्रहनन की कोशिश में जुटे लोगों के लिए नए की वर्ड बन गए हैं।
इसका दुष्परिणाम यह हो रहा है कि एक स्क्रीन से दूसरे स्मार्ट फोन की स्क्रीन तक पहुंच रहे ऐसे आडियो-वीडियो जो कभी बेडरूम गासिप का हिस्सा होते थे अब सामाजिक ताने-बाने को झिंझोड़ रहे हैं। समाज का जागरूक तबका इससे चिंतित है तो पुराने मामले नए पैकेज के साथ के परोसने के कारण न्यायिक और अनुसंधान प्रक्रिया पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
पुलिस के पास पहुंच रहे कई मामले
इंटरनेट मीडिया पर ऐसे प्रकरणों की बाढ़ है। लोग यह आरोप लगाकर वीडियो प्रसारित कर दे रहे कि पत्नी धमकी दे रही है। कह रही है कि मेरठ की मुस्कान की तरह काटकर ड्रम में भर देगी और सीमेंट डाल कर पाट देगी। कुछ लोग तो सिर्फ हल्की-फुल्की चुहल कर रहे हैं, लेकिन कई मामले तो सिर्फ चरित्र हनन या पहले से चल रहे मुकदमों को प्रभावित करने के इरादे से पुलिस तक के पास जा रहे।
उन्नाव में एक शिक्षक ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि पत्नी की किसी और से नजदीकी है। वह चार-चार दिन घर से गायब रहती है। टोकने पर जूते से मारने को दौड़ती है। उसने नीला ड्रम और बक्से में भरने व सीमेंट लाकर रखने की धमकी दी है। उसने इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। दावा किया कि उसने पत्नी के ऐसे 139 वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डाले हैं।
मामले को तूल देने के लिए वीडियो को बनाया हथियार
29 मार्च को गोंडा में एक जूनियर इंजीनियर ने पत्नी पर इसी तरह का आरोप लगाकर तहरीर दी और वीडियो प्रसारित कर दिया। खूब चर्चा हुई। बाद में पता चला कि पति-पत्नी में पुराना विवाद है और और मामला न्यायालय में चल रहा है। उसने नए सिरे से तूल देने के लिए वीडियो को हथियार बना लिया।
गोंडा के एलबीएस डिग्री कालेज में समाजशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. शशि बाला का कहना है कि यह सामाजिक समस्या है। मेरठ की मुस्कान के बहाने ऐसे प्रकरण उभरकर जाने-अनजाने ही समाज में नई तरह की मुसीबत पैदा कर सकते हैं। सप्ताह भर पहले संतकबीर नगर का एक मामला भी चर्चा का विषय बना।
दावा किया गया कि मेरठ में पति को मारकर ड्रम में भरने और औरैया में सुपारी देकर पति की हत्या कराने के मामले को देखते हुए एक युवक ने दो बच्चों की मां अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करा दी। बाद में पता चला कि गांव वालों ने उसे प्रेमी के साथ पकड़ा था और दबाव डालकर पति की मौजूदगी में प्रेमी के गले में माला डलवाकर शादी करा दी। इसका वीडियो व फोटो प्रसारित कर दिया। अब वह महिला प्रेमी को छोड़कर वापस पति के पास आ गई है और पति और बच्चों को छोड़कर प्रेमी के गले में वरमाला डालने की बात को अफवाह बताने में जुटी है।
मंगलवार को पति के घर वापस लौटी पत्नी का अब कहना है कि उनके बीच कुछ गलतफहमियां हो गई थीं जो दूर हो गई हैं। नेशनल पीजी कालेज (लखनऊ) की मनोविज्ञानी डा नेहाश्री श्रीवास्तव का कहना है कि इस तरह के मामलों में मुख्य उद्देश्य प्रचार पाना है, चाहे इसके लिए कुछ भी किया जाए। मेरठ की घटना को सामान्य नहीं कहा जा सकता। ऐसी घटनाएं सहज नहीं होतीं।
दरअसल, कई बार अपराध के पीछे की सच्चाई पर पर्दा डाल दिया जाता है, जिससे इस तरह के कृत्य बढ़ावा पाते हैं। संत कबीरनगर की घटना भी असामान्य है। ऐसी परिस्थितियों में कानूनी हस्तक्षेप आवश्यक है। लोगों को अनैतिक वीडियो बनाने और उन्हें प्रसारित करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह समाज में गलत प्रवृत्तियों को जन्म देता है।
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