कानपुर, जागरण संवाददाता। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) के ई-सेल की ओर से आयोजित ई-समिट-21 के अंतिम दिन विशेषज्ञों ने 40 से ज्यादा स्टार्टअप प्रस्तुत किए। इसमें से 10 स्टार्टअप विभिन्न आइआइटी और वीसी की ओर से उद्यमिता और बजट पाने में सफल रहे। इससे पूर्व विभिन्न कंपनियों के अधिकारियों व कारपोरेट लीडर्स ने अपने विचार रखे। शिक्षा के डिजिटलीकरण पर जोर दिया।

ई-सेल की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में दैनिक जागरण मीडिया पार्टनर है। सम्मेलन का शुक्रवार शाम को शुभारंभ हुआ। शनिवार को पैनल चर्चा व कार्यशाला हुई। इसके बाद पिचर्स 2.0, बिजक्विज फाइनल व पिच प्राइम को कवर करने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। केपजेमिनी के वरिष्ठ निदेशक एचआर सज्जाद अहमद ने लिंक्डइन के माध्यम से 'नेटवर्क विथ ए पर्पज' विषय पर वर्कशाप की। 'कारपोरेट कैनवास' पर पैनल चर्चा हुई, जिसमें मिंत्रा कंपनी के पूर्व सीईओ अमर नागाराम, हीरो मोटो कार्प के सीएफओ निरंजन गुप्ता और बजाज एलाइंज जनरल इंश्योरेंस के एमडी व सीईओ तपन सिंघल ने व्यापार में चुनौतियों पर चर्चा की।

'रूढि़वादिता को तोड़कर सामने आईं अग्रणी महिलाएं' विषय पर चर्चा में महिला उद्यमियों ने अपने विचार रखे। कहा कि वह एक ऐसे देश की कल्पना करती हैं, जहां महिला उद्यमिता शिखर पर पहुंचेगी। एप्लीकेशन विकास के तकनीकी पहलुओं पर जोहो ब्रीङ्क्षफग व डिजिटल मार्केङ्क्षटग पर भी कार्यशाला हुई। अपस्टार्ट 21 के फाइनल में आए 40 से ज्यादा स्टार्टअप में से 10 उद्यमिता व वित्त पोषण हासिल करने में सफल रहे।

शिक्षा में डिजिटलीकरण पर जोर : शिक्षा तकनीकी की अग्रणी कोडिंग कंपनियों 'गीक्स फार गीक्स' और 'हैकररैंक' के संस्थापकों ने शिक्षा में डिजिटलीकरण के भविष्य पर चर्चा की। आखिरी सत्र में फार्मेसी, जेटवर्क और आफ बिजनेस के सह-संस्थापकों ने प्रतिभाग किया और भारत में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी दी।

Edited By: Abhishek Agnihotri