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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kanpur Violence : हिरासत में बाबा बिरियानी रेस्टोरेंट का मालिक मुख्तार बाबा, हयात जफर को फंडिंग की पुलिस कर रही पूछताछ

By Abhishek AgnihotriEdited By:
Published: Wed, 22 Jun 2022 02:22 PM (IST)

कानपुर परेड नई सड़क पर हुए उपद्रव में हयात जफर हाशमी को फंडिंग किए जाने की जानकारी के बाद पुलिस ...और पढ़ें

बाबा बिरयानी रेस्टोरेंट के मालिक मुख्तार बाबा से पुलिस कर रही पूछताछ।
बाबा बिरयानी रेस्टोरेंट के मालिक मुख्तार बाबा से पुलिस कर रही पूछताछ।

कानपुर, जागरण संवाददाता। परेड नई सड़क उपद्रव मामले में गठित विशेष जांच दल यानी एसआइटी ने बुधवार की सुबह बड़ी गिरफ्तारी को अंजाम दिया। पुलिस ने बाबा बिरियानी रेस्टोरेंट के मालिक मुख्तार बाबा को गिरफ्तार कर लिया है। कर्नलगंज स्थित एसआईटी कार्यालय में उससे पूछताछ की जा रही है और दोपहर बाद कोर्ट में पेश करके जेल भेजा जाएगा।

कानपुर शहर में वीआइपी मूवमेंट के बीच तीन जून को जुमा की नमाज के बाद पथराव हो गया था, जिसमें पुलिस जवान भी घायल हुए थे। उपद्रव काफी देर तक चला था। ये उपद्रव नूपुर शर्मा के बयान को लेकर एमएमए जौहर फैन्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हयात जफर हाशमी द्वारा बाजार बंदी की घोषणा के बाद दुकानें बंद कराने को लेकर हुआ था। विशेष समुदाय के लोगों द्वारा नई सड़क स्थित चंद्रेश्वर हाता को निशाना बनाकर पथराव, गोलीबारी और बमबाजी को अंजाम दिया था। उपद्रव में सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जबकि 25 से अधिक लोग मामूली रूप से चोटिल हुए। पुलिस ने उपद्रव में मुख्य आरोपित हयात जफर हाशमी समेत 58 लोगों को गिरफ्तार कर अबतक जेल भेजा है।

पिछले दिनों पुलिस ने हयात और उसके साथियों को दो बार रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी, जिसमें बाबा बिरियानी रेस्टोरेंट के मालिक मुख्तार बाबा और बिल्डर हाजी बसी द्वारा फंडिंग की जानकारी मिली थी। इसके साथ उन दोनों की उपद्रव की रणनीति में भी संलिप्तता पाई गई थी। क्योंकि उनपर शत्रु संपत्ति व विवादित संपत्तियों को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा था। ऐसे में वो प्रशासन का ध्यान शत्रु संपत्ति मामले से भटकाना चाहते थे और उपद्रव की रणनीति में शामिल थे। पुलिस जांच के दौरान सामने आया था कि चंद्रेश्वर हाता हिंदुओं की बस्ती है और ठीक पीछे एक विशेष समुदाय के लोग रहते हैं। हाजी वसी और मुख्तार बाबा की साजिश थी कि चंद्रेश्वर हाता में रहने वाले छोड़कर चले जाएं ताकि यहां बहुमंजिला इमारत खड़ी करके आर्थिक लाभ लिया जा सके।

इसके बाद पुलिस ने हाजी वसीक और मुख्तार बाबा की सरगर्मी से तलाश शुरू की थी। बुधवार की सुबह एसआईटी ने मुख्तार बाबा को पूछताछ के लिए कर्नलगंज थाने बुलाया। करीब दो घंटे तक उससे पूछताछ की गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने मुख्तार बाबा को गिरफ्तार कर लिया है और दोपहर बाद अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि मुख्तार बाबा के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं, पुलिस उन मुकदमों की डिटेल भी निकलवा रही है।