कानपुर के मवइया में तीन माह में पूरा होगा एयरपोर्ट टर्मिनल, डीएम को मॉनीटरिंग का जिम्मा
कानपुर के मवइया में बन रहे एयरपोर्ट टर्मिनल में अंडरग्राउंड हाईटेंशन लाइन और हाईवे से जोड़ने वाली सड़क का काम रुका है। अबतक टर्मिनल बिल्डिंग के बचे 70 फीसद काम को तीन माह में पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

कानपुर, जेएनएन। मवइया में एयरपोर्ट के लिए नई टर्मिनल बिल्डिंग का 70 फीसद काम अब तीन माह में पूरा होना है। अब तक 30 फीसद काम पूरा किया जा सका है। काम समय पर पूरा हो, इसके लिए जिलाधिकारी इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। प्रशासन ने मई तक बिल्डिंग कार्य को पूर्ण करने और अक्टूबर में कमीशनिंग (संचालन) करने का लक्ष्य तय किया है।
नई टर्मिनल बिल्डिंग के लिए बिंदुवार कई कार्यों पर लगातार समीक्षा की जा रही है। इसमें अन्य कार्य लगभग शुरू हो चुके हैं, लेकिन अंडरग्राउंड हाईटेंशन लाइन और टर्मिनल बिल्डिंग से प्रयागराज हाईवे तक मार्ग निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है। विमानों को खड़ा करने के लिए एप्रेन बनाने का काम भी अभी जमीन हस्तांतरण नहीं होने के चलते शुरू नहीं हो सका है। जमीन का यह हिस्सा विवादित है, इसकी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
टर्मिनल बिल्डिंग : चकेरी एयरपोर्ट से दो किमी दूर मवइया में नई टर्मिनल बिल्डिंग बनाने का कार्य चल रहा है। 105 करोड़ रुपये से छह हजार वर्ग मीटर पर बन रही बिल्डिंग का काम फरवरी 2021 में पूरा होना था, लेकिन कोविड के चलते काम समय से शुरू ही नहीं हो सका। जिला प्रशासन की पहल के बाद दिसंबर 2020 में इस काम की शुरुआत हुई थी। अब तक 30 फीसद काम पूरा हुआ है। टर्मिनल बिल्डिंग को अब मई 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
टर्मिनल बिल्डिंग से हाईवे तक मार्ग : नई टर्मिनल बिल्डिंग से प्रयागराज हाईवे तक 2.7 किमी सड़क प्रस्तावित है। इसके लिए शासन ने 55 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है हालांकि पैसा न मिलने से टेंडर प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है।
एप्रेन के लिए जमीन का इंतजार : एयरपोर्ट में विमान खड़ा करने के लिए तीन एप्रेन बनाए जाएंगे जिन्हें आगे छह तक बढ़ाया जाएगा। इसके लिए जमीन का एक हिस्सा एयरपोर्ट अथॉरिटी को नहीं मिला है। इस जमीन पर कोर्ट में विवाद चल रहा है।
बिजली आपूर्ति : नई टर्मिनल बिल्डिंग के अंदर बिजली की व्यवस्था के लिए 2.17 करोड़ रुपये पास हो चुका है। चूंकि लाइन एयरफोर्स के क्षेत्र से होकर जानी है, इसके लिए एयरफोर्स की अनुमति मिलने के बाद ही काम शुरू होगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बिल्डिंग का मीटर रूम बनाने का काम शुरू कर दिया।
33 केवीए हाईटेंशन लाइन : नई टर्मिनल बिल्डिंग के लिए 33 केवीए की हाईटेंशन लाइन डाली जानी है। 6.33 करोड़ रुपये से केस्को को यह काम करना है। इसके लिए भी एयरफोर्स की अनुमति नहीं मिली है।
बिल्डिंग का स्टील ढांचा : बिल्डिंग का कुछ हिस्सा स्टील का बनाया जाएगा। इसके लिए राजकीय निर्माण निगम ने एमएचपीएल को जिम्मेदारी दी है। कंपनी ने काम को पूरा करने की अवधि 31 मार्च 2021 तय की है। काम तेजी से किया जा रहा है।
पार्किंग : टर्मिनल बिल्डिंग के ठीक सामने 150 चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग बनाई जानी है। इसके लिए भी 31 मार्च 2021 की समय सीमा तय की गई है। इसका काम चल रहा है।
जल निकासी : टर्मिनल बिल्डिंग से नाला बनाकर जल निकासी का काम शुरू हो चुका है। अभी तक करीब 60 फीसद काम पूरा हुआ है। नगर निगम को काम 31 मार्च तक पूरा करना है।
ग्रामीणों की निकासी का रास्ता : मवइया गांव के ग्रामीण टर्मिनल बिल्डिंग के परिसर से ही आते जाते थे, जिससे काम में व्यवधान पड़ता था। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अपनी जमीन पर दस फीट की जगह देकर सड़क निर्माण कराया है। 700 मीटर लंबी सड़क को केडीए ने मोटरेबल कर दिया है, तारकोल बिछाया जाना है। यह कार्य 31 जनवरी तक होना था लेकिन समय सीमा बढ़ा दी गई।
- टर्मिनल बिल्डिंग के काम की नियमित मॉनीटरिंग की जा रही है जिससे पिछले दो माह में काम तेजी से हुआ है। केस्को और सड़क निर्माण का काम भी जल्द शुरू हो जाएगा। -बीके झा, एयरपोर्ट निदेशक
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