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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिन भर रही GSVM मेडिकल कॉलेज प्राचार्य प्रो. आरती के तबादले की अफवाह, शाम को लगा विराम

By Abhishek AgnihotriEdited By:
Published: Thu, 04 Jun 2020 03:38 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 04 Jun 2020 11:55 PM (GMT+05:30)

तब्लीगी जमात और वर्ग विशेष पर टिप्पणी का वीडियो वायरल होने से घिर गई थीं विवादों में।

दिन भर रही GSVM मेडिकल कॉलेज प्राचार्य प्रो. आरती के तबादले की अफवाह, शाम को लगा विराम
दिन भर रही GSVM मेडिकल कॉलेज प्राचार्य प्रो. आरती के तबादले की अफवाह, शाम को लगा विराम

कानपुर, जेएनएन। जिस तरह तब्लीगी जमात और वर्ग विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.आरती लालचंदानी चर्चा में आईं, उसी तरह उनके तबादले की बात भी दिन भर सुर्खियां बनी रही। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म समर्थन और विरोध का अखाड़ा बने रहे। हालांकि प्राचार्य तबादला आदेश मिलने से इन्कार करती रहीं और शाम को इस पर विराम लग गया। 

झांसी का प्राचार्य बनाए जाने की रही चर्चा

 सोशल मीडिया पर गुरुवार दोपहर डॉ. आरती को रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, झांसी का प्राचार्य बनाए जाने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में प्रयागराज से ओएसडी बनकर आए प्रो. आरबी कमल को प्राचार्य का जिम्मा देने की चर्चाएं चल गईं। डॉ. लालचंदानी इसे अफवाह बताकर आदेश न आने की बात कहती रहीं। मेडिकल कॉलेज के वाट्सएप ग्र्रुप के साथ ही विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर समर्थन और विरोध और शुरू हो गया। चूंकि डॉ. लालचंदानी का नाम किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के कुलपति के रूप में भी प्रस्तावित है, इसलिए इसे विरोध की मुहिम भी कहा गया। इसी बीच सूत्रों ने दावा किया कि मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक बड़े पदाधिकारी डॉ. लालचंदानी के समर्थन में आ गए औ्र शाम तक तबादले की चर्चा शांत हो गई। 

ये थी विवाद की वजह 

हैलट में बने कोविड-19 हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में चार अप्रैल को कोरोना संक्रमित मिले तब्लीगी जमात के सदस्यों को भर्ती कराया गया था। जमातियों पर डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टॉफ का सहयोग न करने, दवा न खाने और वार्ड में गंदगी फैलाने के आरोप लगे थे। अस्पताल से मिला खाना फेंकने और कर्मचारियों से अभद्रता की बात भी सामने आई थी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने उनके इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए मीडिया में बयान दिया था। दो माह बाद उसी वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। और उसका विरोध शुरू हो गया था। समाज विशेष के प्रतिष्ठित लोगों के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से कार्रवाई की मांग की थी। 

वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ तहरीर, सुरक्षा मांगी 

शाम तक चले घटनाक्रम के बाद डॉ. आरती लालचंदानी ने रात में वीडियो वायरल करने के आरोपितों के खिलाफ एसएसपी अनंतदेव को तहरीर दी है। कई डॉक्टर्स और फैकल्टी ने समर्थन देते हुए अपेक्षा पूछी तो डॉ. लालचंदानी ने एसएसपी से बात कर उन्हें सुरक्षा दिलाने और वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही।