कानपुर, जागरण संवाददाता: कानपुर - इलाहाबाद हाइवे के चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिन गांवों के किसानों की भूमि या जिनके मकान का अधिग्रहण होना है उनके साथ भू अध्याप्ति विभाग बैठकें कर मुआवजा राशि पर सहमति बनाएगा। यहां के किसानों को नये भूमि अधिग्रहण कानून के तहत सर्किल रेट को दो या चार गुना मुआवजा नहीं मिलेगा उन्हें सिर्फ सर्किल रेट जितना है उतना ही मुआवजा दिया जाएगा। किसानों के साथ होने वाली बैठकों में अफसर यह जानकारी देंगे।

हाइवे को छह लेन बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना (तीन ए) जारी की जा चुकी है। चूंकि यह अधिसूचना 2015 में जारी हुई है ऐसे में वर्तमान सर्किल रेट के हिसाब से ही किसानों को मुआवजा मिलेगा। भले ही भू अधिग्रहण के लिए एवार्ड (अंतिम अधिसूचना) 2016 में जारी हो। चूंकि रेल लाइनों के विस्तार, नई रेल लाइन बिछाने, राष्ट्रीय राजमार्गो के चौड़ीकरण कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण पर पुराना कानून ही लागू है। पुराने कानून के तहत सर्किल रेट जितना है भूमि का मुआवजा भी उतना ही मिलेगा। हाइवे के चौड़ीकरण के लिए अधिसूचना जारी करने के साथ ही भू अध्याप्ति विभाग ने आपत्तियां मांगी हैं। आपत्तियों पर सुनवाई के लिए अफसर भू स्वामियों के साथ बैठकें करेंगे। ताकि किसानों को हाइवे के चौड़ीकरण से होने वाले फायदे और मुआवजा राशि के बारे में बताया जा सके।

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