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UP Politics: कन्नौज में सपा संगठन पर दूसरी बार बड़ी कार्रवाई, 2017 में हार के बाद भंग हुई थी जिला कार्यकारिणी

Published: Sun, 18 Oct 2026 11:01 PM (IST)

कन्नौज में समाजवादी पार्टी की जिला कार्यकारिणी भंग कर दी गई है, जिसमें प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी भी ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कन्नौज सपा जिला कार्यकारिणी भंग, कलीम खान नेतृत्व वाली टीम हटाई

  2. प्रदेश, राष्ट्रीय पदाधिकारियों को भी संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया

  3. 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़े संगठनात्मक बदलाव का संकेत

जागरण संवाददाता, कन्नौज। वैसे तो कन्नौज के समाजवादियों पर रविवार हुई कार्यवाही कोई नहीं है। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में जिले की तीन विधानसभा क्षेत्र की तिर्वा, छिबरामऊ सीट पर करारी हार का सामना करने के बाद भी प्रदेश संगठन ने जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया था।

उस समय पार्टी का जिले में नेतृत्व मजहारुल हक उर्फ मुन्ना दरोगा कर रहे थे। हालांकि उसके बाद नए संगठन की घोषणा तुरंत न करते हुए चार साल बाद नेतृत्व ने 2021 में की, और कलीम खान को नए जिलाध्यक्ष का दायित्व सौंपा था। इस बीच 2019 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी प्रत्याशी डिंपल यादव को भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक से हार का सामना करना पड़ा था।

पार्टी के निवर्तमान प्रवक्ता विजय द्विवेदी बताते हैं कि 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद भी इसी प्रकार की कार्यवाही हुई थी। हालांकि इस बार यह कार्रवाई इस लिए भी खासी चर्चा में इस लिए है क्योंकि पार्टी नेतृत्व ने उन लोगों को भी संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया है जो जिले में नहीं बल्कि प्रदेश और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पदासीन हैं।

इनमें मुख्य संगठन में प्रदेश सचिव महेंद्र निम, समाजवादी अल्पसंख्यक सभा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नाजिम खां, युवजन सभा प्रदेश सचिव हसीब हसन, अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इरफानुल कादरी, जैसे कई नाम हैं, जिनके पद नाम के आगे रविवार शाम से पूर्व लिख दिया गया।

विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में बड़े फेरबदल का संकेत

सपा मुखिया के निर्देश पर समाजवादी नेताओं पर हुई कार्रवाई को लेकर एक चर्चा यह भी है कि पार्टी नेता के पास जिले में निष्क्रिय नेताओं की रिपोर्ट लगातार पहुंच रही थी। इसी को देखते हुए उन्होंने जिले में व्यापक फेरबदल के लिए ऐसा किया है। हालांकि हटाए गए जिलाध्यक्ष ने अभी से नए संगठन फिर मौका मिलने की उम्मीद जताई है।

2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कार्रवाई के साथ संगठन में सक्रिय नेताओं को लेकर तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी के बाद राजनीतिक हलकों में अब यह सवाल उठ रहा है कि पार्टी का अगला संगठनात्मक कदम क्या होगा और नई जिम्मेदारियां किन चेहरों को सौंपी जाएंगी। हालांकि, नई कार्यकारिणी को लेकर अभी कोई फैसला सामने नहीं आया है।

टिकट दावेदारों की खुली पोल, भीड़ जुटाने में फेल

पार्टी कार्यालय में शनिवार को जिला स्तरीय पीडीए सम्मेलन में तीनों विधानसभा से टिकट के दावेदारों को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी। दावेदारों और पूर्व प्रत्याशियों ने बढ़ चढ़कर सात सौ से दो हजार तक की भीड़ जुटाने की सूची में नाम दर्ज कराया था, लेकिन जब सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल पीडीए सम्मेलन में पहुंचे, तो पंडाल से अधिक मंच पर दावेदारों और नेताओं की भीड़ जुटी थी। कार्यकारिणी भंग होने के बाद अब दावेदारों को टिकट की चिंता सता रही है।

मंत्री असीम अरुण बोले, इनकी नीयत खराब कुछ नहीं होगा

समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास कभी कोई समर्थन नहीं था। यह लोग सिर्फ अपने परिवार के लोगों का समर्थन जुटा पाते हैं। कोई भी निष्पक्ष व्यक्ति या अन्य जाति का सपा के साथ खड़ा नहीं होता है। सपा के कार्यक्रम में खाली कुर्सियां देखना कोई नई बात नहीं है। कुछ बेईमान लोग हैं, जो सोच रहे हैं कि सपा की सरकार आ जाएगी और उनकी दुकान चलने लगेगी। बेईमानों को कभी सरकार में आने नहीं देंगे। वह कार्यकारिणी भंग करें या दोबारा बनाए जब नीयत खराब है, तो कुछ नहीं होगा।

सुब्रत पाठक बोले, अखिलेश यादव लड़ लें कन्नौज से विधानसभा चुनाव

भाजपा नेता पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने सपा संगठन भंग किए जाने पर कहा कि समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव जीतने की बात कर रही है और कार्यालय में सौ कुर्सियां तक भर नहीं पा रही है। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि वह कन्नौज लोकसभा क्षेत्र की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं।

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