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    स्कूलों में ईंट के चूल्हों पर पक रहा दोपहर का भोजन

    By JagranEdited By:
    Updated: Thu, 28 Jul 2022 05:40 PM (IST)

    विद्यालयों में ईंटों के चूल्हे पर दोपहर का भोजन बनाया जा रहा है।

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    स्कूलों में ईंट के चूल्हों पर पक रहा दोपहर का भोजन

    स्कूलों में ईंट के चूल्हों पर पक रहा दोपहर का भोजन

    संवाद सूत्र, जलालाबाद : सरकारी स्कूलों में दोपहर का भोजन बनाने के लिए रसोई गैस का इस्तेमाल किया जाना है। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है, हकीकत इससे इतर है। जसोदा कंपोजिट विद्यालय में चूल्हे पर दोपहर का भोजन पकाया जा रहा है। यह स्कूल तो महज बानगी भर ऐसे जिले में और भी स्कूल हैं, जहां ऐसा हो रहा होगा।

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    गुरुवार सुबह 10 बजे जागरण टीम जसोदा कंपोजिट विद्यालय पहुंची। यहां चूल्हे पर भोजन बनता मिला।

    रसोइया मीरा, वंश कुमारी चूल्हे पर खाना बना रहीं थीं। जब उनसे इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। प्रधानाध्यापक आशीष मिश्रा का कहना है कि गैस सिलिंडर एक दिन पहले ही खत्म हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या स्कूल में एक ही सिलिंडर है। खंड शिक्षा अधिकारी अविनाश दीक्षित से बात की तो उनका कहना था कि चूल्हे पर खाना बनना कोई गलत बात नहीं है। पहले स्कूलों में पारंपरिक चूल्हे पर ही खाना बनाया जाता था। धुआं से बच्चो को दिक्कत होती थी, इसको देखते हुए शासन ने सभी स्कूलों में गैस सिलिंडर और चूल्हे की व्यवस्था की। लेकिन, दुर्भाग्य यह कि जिले के प्राथमिक विद्यालयों में ईंटों के चूल्हे पर दोपहर का भोजन बनाया जा रहा है। कंपोजिट विद्यालय जसोदा में पांच रसोइया तैनात हैं। वहीं बच्चों की संख्या 300 से अधिक है। बच्चों और उनके अभिभावकों की माने तो पिछले कई माह से यहां चूल्हे पर ही भोजन बन रहा है।

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    सभी स्कूलों में गैस पर खाना बनाने के लिए बजट मिलता है। मिड डे मील के जिला समन्वयक और खंड शिक्षा अधिकारी को जांच दी गई है। रिपोर्ट मिलने पर प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की जाएगी।

    कौस्तुभ कुमार सिंह, बीएसए