UP News: सुनवाई का समय बढ़ाए जाने से नाराज वकीलों ने SDM न्यायिक को पीटा, बार के महासचिव समेत दो पर केस
उत्तर प्रदेश के छिबरामऊ तहसील में एसडीएम न्यायिक अविनाश कुमार गौतम की वकीलों ने पिटाई कर दी। यह घटना लंबित मुकदमों के जल्द निस्तारण के लिए सुनवाई के समय में वृद्धि के विरोध में हुई। इसके बाद वकीलों ने हड़ताल शुरू कर दी और एसडीएम ने वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। आरोपित ललित प्रताप सिंह ने बताया कि एसडीएम न्यायिक ने अभद्रता की थी।

जागरण संवाददाता, कन्नौज। लंबित मुकदमों के जल्द निस्तारण के लिए सुनवाई का समय बढ़ाने से नाराज अधिवक्ताओं ने छिबरामऊ तहसील में एसडीएम न्यायिक की पिटाई कर दी। उन्होंने तहसील बार एसोसिएशन के महासचिव सहित दो नामजद व अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन ने तहसील में हड़ताल शुरू कर दी।
तनाव बढ़ता देख शुक्रवार को तहसील में पीएसी तैनात कर दी गई। तहसील में पहले 10 बजे से दो बजे तक न्यायालयों में मामलों की सुनवाई होती थी। एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने 25 मार्च को आदेश जारी किया कि सुनवाई सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक होगी। वकीलों ने 27 मार्च को इसके विरोध में प्रदर्शन किया।
इसी दौरान तहसील बार एसोसिएशन के महासचिव ललित प्रताप सिंह कई साथियों के साथ कोर्ट में एसडीएम न्यायिक अविनाश कुमार गौतम के पास पहुंचे और सुनवाई बंद करने को कहा। आरोप है कि इस दौरान वकीलों ने एसडीएम अविनाश कुमार की पिटाई की। एसडीएम ने एससी-एसटी एक्ट, हमला कर पिटाई करने और सरकारी अभिलेखों को छीनकर कार्य में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज कराया। विरोध में शनिवार को वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।
आरोपित ललित प्रताप सिंह ने बताया कि एसडीएम न्यायिक ने अभद्रता की थी। फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार अवस्थी ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार से न्यायिक कार्य करेंगे इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता
बहुचर्चित कैश कांड के कारण दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को इलाहाबाद स्थानांतरित किए जाने के विरोध में जारी आंदोलन हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद (एचसीबीए) ने स्थगित कर दिया है। मंगलवार से न्यायिक कार्य लगभग ठप था। एचसीबीए कार्यकारिणी की शनिवार शाम को हुई आकस्मिक बैठक में कहा गया कि पहली अप्रैल 2025 मंगलवार से पूर्व की भांति न्यायिक कार्य संपादित किया जाएगा।
तीन प्रस्ताव पारित किए गए हैं। इनमें एक यह भी है कि प्रयागराज में 26-27 अप्रैल को राष्ट्रीय स्तर की कान्फ्रेंस होगी ताकि आंदोलन को गति मिल सके और देश भर के समस्त हाई कोर्ट बार एसोसिएशन अपना सहयोग दे सकें। वादकारियों एवं अधिवक्ताओं के हित में फोटो आइडेंटिफिकेशन सेंटर खोले जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
कार्यकारिणी की आकस्मिक बैठक अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट अनिल तिवारी की अध्यक्षता में हुई। संचालन महासचिव विक्रान्त पाण्डेय ने किया। एचसीबीए अध्यक्ष ने शुक्रवार को न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के शपथ ग्रहण समारोह के बहिष्कार की बात कही थी। हालांकि कार्यकारिणी की बैठक उपरांत जारी विज्ञप्ति में इस संबंध में कुछ भी नहीं कहा गया है।
वैसे पूछे जाने पर महासचिव विक्रान्त पाण्डेय ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया जाएगा। यदि न्यायमूर्ति को बेदाग पाए जाने बिना भविष्य में न्यायिक कार्य सौंपा जाता है तो उनकी कोर्ट का भी बहिष्कार किया जाएगा।
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